
Ranchi : जेपीएससी की छठी सिविल सेवा परीक्षा ही नहीं, दर्जनों ऐसी परीक्षायें हैं, जो विवाद में रही हैं. इन्हीं विवादित परीक्षाओं की सूची में प्रथम उपसमाहर्ता सीमित प्रतियोगिता भी है.
पहली बार इस परीक्षा के लिए वर्ष 2005 में 50 पद के लिए विज्ञापन निकाला गया था. कोर्ट के आदेश के 18 वर्ष के बाद भी परीक्षा नहीं हो पायी.
हाल ही में जेपीएससी ने एग्जामिनेशन कैलेंडर जारी कर 20 अक्टूबर को परीक्षा लेने की बात कही थी, लेकिन इस तिथि को भी परीक्षा नहीं ली. जेपीएससी ने इसी तारीख को पांचवीं और छठी सीमित परीक्षा ली है.
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12 जून 2013 को रद्द हुई परीक्षा
गौरतलब हो कि जेपीएससी की ओर से अप्रैल 2005 में प्रथम उपसमाहर्ता के 50 पदों के लिए सीमित प्रतियोगिता परीक्षा का आवेदन मंगाया गया था.
आवेदन के बाद 23 अप्रैल 2006 को रांची के 14 केंद्रों में परीक्षा ली गयी. इस परीक्षा में तब 8 हजार के करीब उम्मीदवार शामिल हुए थे.
परीक्षा में पेपर लीक होने सहित अन्य मामले की शिकायत निगरानी के द्वारा सरकार को की गयी. न्यायालय में मामला जाने के बाद न्यायालय ने राज्यपाल के विवेक पर निर्णय छोड़ दिया.
तत्कालीन राज्यपाल सैयद शिब्ते रजी ने इसकी जांच निगरानी से करायी. निगरानी से मिली रिपोर्ट में गड़बड़ी के आधार पर राज्यपाल ने परीक्षा होने के छह साल बाद 12 जून 2013 को परीक्षा ही रद्द कर दी.
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परीक्षा तिथि निकाली पर नहीं हुई परीक्षा
इसके बाद पुन: 29 अप्रैल 2017 को परीक्षा लेने का निर्णय लिया गया. लेकिन इस तिथि को भी अपरिहार्य कारण बताते हुए परीक्षा रद्द कर दी गयी.
इसके बाद जेपीएससी समय-समय पर केवल परीक्षा के तारीखों की घोषणा ही करती रही.
एक बार फिर जेपीएससी ने सितंबर माह में परीक्षा कैलेंडर जारी करते हुए 20 अक्टूबर 2019 को प्रथम सीमित उपसमाहर्ता प्रतियोगिता परीक्षा के साथ पांचवीं व छठी सीमित प्रतियोगिता परीक्षा लेने की बात कही.
इसके बाद भी 20 अक्टूबर को पांचवीं व छठी सीमित प्रतियोगिता परीक्षा तो ली गयी, लेकिन प्रथम सीमित प्रतियोगिता परीक्षा को छोड़ दिया गया.
जानकारी के मुताबिक प्रथम उपसमाहर्ता सीमित परीक्षा के आवेदन करने वालों में आधे से अधिक रिटायर कर चुके हैं. जबकि कई उम्मीदवार रिटायर होने वाले हैं.
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