
Ranchi: झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के दौरान सोमवार को पहली पाली में मुख्यमंत्री के प्रश्नकाल में उपलब्ध नहीं होने पर विधायक भानु प्रताप शाही ने सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि आखिर क्यों मुख्यमंत्री प्रश्नकाल को बंद कर दिया गया. इस दौरान जनहित से जुड़े हुए सवालों के जवाब सीधे मुख्यमंत्री से जाना जाता था. यह परंपरा 20 साल से चली आ रही थी आखिर ऐसा क्या हुआ कि इसे बंद कर दिया गया.
इसका जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि कोविड-19 को देखते हुए मुख्यमंत्री प्रश्नकाल को बंद किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि यह आखिरी सत्र नहीं है आने वाले सत्र में मुख्यमंत्री प्रश्नकाल आयोजित किए जाएंगे. इस पर विपक्ष के विधायकों ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह कैसा जवाब है मुख्यमंत्री प्रश्नकाल से कोरोना कैसे फैल सकता है.
महिलाओं के लिये 33% आरक्षण की मांग की गई
शून्य काल की सूचनाओं के दौरान गोमिया के विधायक लंबोदर महतो ने राज्य की महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी संवैधानिक पदों और नामांकन में 33% सीटों के आरक्षण की मांग की है. इसके अलावा दीपक बीरूवा ने टाटा कॉलेज में एलएलबी के पढ़ाई की मांग की है. विधायक ढुल्लू महतो ने चिरौंदी स्थित साइंस सिटी की बदहाली पर सवाल उठाते हुए साइंस सिटी को व्यवस्थित किया जाये. विधायक नारायण दास ने देवघर एम्स में हो रही अनियमितता की जांच कराने की मांग की है.
स्पीकर ने दी महिला दिवस की शुभकामनाएं
सत्र की कार्यवाही के दौरान स्पीकर ने सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं दी है इसके अलावा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मनीष जायसवाल को उनके जन्मदिन पर पूरे सदन और झारखंड वासियों की तरफ से शुभकामनाएं दीं.




