
Ranchi: झारखंड विधानसभा में जारी बजट सत्र के दौरान गुरुवार को विधायक प्रदीप यादव और मंत्री मिथलेश ठाकुर सदन में एक अल्पसूचित प्रश्न पर आमने सामने हो गए. मामला प्रदीप यादव ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से लाया था. जिसके तहत उन्होंने कहा कि सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता विमल कुमार झा को जल संसाधन विभाग में पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स मोनिटरिंग सेल में नोडल पदाधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है, जबकि उनपर अनियमितता, कदाचार और अनुशासनहीनता के आरोप हैं. उन्हें सेवाकाल में दंडित भी किया गया है. अभी भी विमल झा पर सीबीआई में मामला चल रहा है.
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जवाब में मंत्री मिथलेश ठाकुर ने कहा कि विमल झा आरोप से मुक्त हो चुके हैं. उनके ऊपर सीबीआई में कोई मामला नहीं चल रहा है. अभी विभाग के पास इनके विरुद्ध किसी तरह का आरोप नहीं है. मंत्री के जवाब को चुनौती देते हुए विधायक प्रदीप यादव ने पूछा कि मंत्री बताए कि क्या 2 जनवरी 2021 को सीबीआई ने इनके खिलाफ fir किया है या नहीं.
जवाब में मंत्री ने कहा कि जल संसाधन विभाग का कोई भी मामला सीबीआई का नहीं है. इसपर प्रदीप यादव ने कहा कि इस पद पर नियुक्ति के लिए न तो विज्ञापन निकला था ना ही विभागीय मंत्री से अनुमोदन प्राप्त किया गया था. मंत्री सदन में सिर्फ बोल दें और इसे मान लिया जाय, ऐसा नहीं हो सकता. मंत्री अपने जवाब का प्रूफ सदन में रखें. यदि ऐसा नहीं है तो मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमिटी बनाकर जांच कराई जाय. मंत्री ने इसे स्वीकार करते हुए कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमिटी बनाकर जांच होगी.
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