
- बकाया वेतन भुगतान की मांग पर कर्मियों ने दिया धरना
Koderma: सदर अस्पताल के सफाई कर्मचारी और टेक्नीशियन कर्मी ने बकाया वेतन व अन्य मांगो को लेकर आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले सदर अस्पताल परिसर मे एकदिवसीय धरना दिया. अध्यक्षता रंजीत राम ने किया जबकि संचालन धीरज तिवारी ने किया.
धरना मे उपस्थित कर्मियों को सम्बोधित करते हुए सीटू राज्य कमिटी सदस्य संजय पासवान ने कहा कि कोरोना काल मे सबसे ज्यादा काम करने वाले सफाई कर्मी का तीन माह से चार माह तक तो टेक्निशियन कर्मियों का छह माह तक का मानदेय नहीं देना मजदूर विरोधी कदम है.
आउटसोर्सिंग कम्पनी बिरसा और रायडर कम्पनी के द्वारा कर्मियों का ईपीएफ घोटाला किया जा रहा है. मूल वेतन का 12 प्रतिशत ईपीएफ खाता मे कर्मचारियों का अंशदान और उतना ही कम्पनी को देना है, लेकिन कम्पनियों के द्वारा सही से अंशदान नहीं दिया जा रहा है. यह बहुत बड़ा अपराध है. मजदूर कर्मचारी समन्वय समिति के जिला सचिव दिनेश रविदास ने कहा कि पूरे जिला मे आउटसोर्सिंग कर्मियों का वेतन और ईपीएफ की राशि मे कटौती की जा रही है.
रोस्टर से बाहर काम किया लिया जा रहा है, लेकिन अतिरिक्त भत्ता नहीं दिया जा रहा है. समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष रामरतन अवध्या ने कहा कि अपने अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करना होगा. 48 घंटा पूर्व सिविल सर्जन को सूचना के बावजूद वार्ता के लिए उपस्थित नहीं रहने पर कर्मियों ने रोष व्यक्त किया और मांग पूरा नहीं होने पर 21 दिसम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की.
आज के धरना से सदर अस्पताल मे साफ सफाई व्यवस्था ओपीडी और ऑपरेशन प्रभावित हुआ। धरना मे रंजीत राम, धीरज तिवारी, अमन कुमार वर्मा, मुकेश कुमार, जगदीश राम, अवनीश आर्यन, विशाल गौरव, आयुष कृष्णा, मुकेश राणा, बिनोद कुमार, मो शहंशाह, मदन कुमार मेहता, नरेन्द्र रजक, संतोष कुमार साव, सिकंदर कुमार रजक, पप्पू दास, ऋतिक कुमार, बिरेन्द्र राम, किसन कुमार, हीरालाल, राजू दास, सुल्तानी खातून, प्रीति कुमारी, सलमा खातून, सोनी कुमारी, ललिता कुमारी, सुजाता देवी, राधा देवी, कुसुम देवी, सबीना, मंजू देवी, रीता, बबिता, शांति, गुड़िया देवी, रम्भा देवी, सारो देवी, रेखा देवी, सुधा, सुशील कुमार, लखन यादव, सुनीता देवी, रितेश कुमार आदि शामिल थे.




