
Ranchi: जल जीवन मिशन को धरातल पर उतारे जाने पर काम शुरू है. केंद्र सरकार की इस योजना के जरिये 2024 तक घर-घर तक वाटर कनेक्शन उपलब्ध कराया जाना है. इसके लिए अलग-अलग जिलों में स्थानीय प्रशासन रेस होने लगा है.
प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कहा गया है कि जितनी भी जलापूर्ति योजनाएं पंचायतों में चल रही हैं, उनका सर्वेक्षण करते हुए ब्योरा तैयार किया जाये. इन सर्वेक्षणों और लाभुकों की सूची को केंद्र सरकार के IMIS Site पर अपलोड किया जायेगा. सर्वेक्षणों के आधार पर जल जीवन मिशन में आ रही कठिनाइयों की भी परख हो सकेगी.
ग्रामीण विकास और पेयजल विभाग की है नजर
रांची जिला प्रशासन ने सभी बीडीओ को पिछले दिनों एक लेटर भेजा है. कहा है कि 13वें, 14वें और 15वें वित्त आय़ोग से निर्मित लघु जलापूर्ति योजनाओं और घरेलू क्रियाशील वाटर कनेक्शन की पहचान सर्वे के जरिये हो. ग्रामीण विकास विभाग और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखंड ने इस संबंध में सभी जिला प्रशासन को निर्देश भी दिया था. जो भी जलापूर्ति योजनाएं संचालित हैं, उनसे कितनों को जल जीवन मिशन का वास्तविक लाभ मिल रहा है, इसका सर्वेक्षण जरूरी है. सर्वेक्षण का काम 10 फरवरी तक पूरा करने को कहा गया है. इस दौरान कम से कम 10 लोगों को घरेलू क्रियाशील वाटर कनेक्शन का लाभ भी दिलाना है.
प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी का रोल अहम
सर्वेक्षण का काम प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी औऱ प्रखंड समन्वयक की देख-रेख में किया जाना है. निर्धारित फॉर्मेट में सर्वेक्षण किये जाने के बाद सर्वेक्षण प्रतिवेदन पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को उपलब्ध कराना होगा. साथ ही लाभुकों की सूची (जिनके घरों में वाटर कनेक्शन लगा, Functional Household Tap Connection-FHTC) देनी होगी. इसी जानकारी को भारत सरकार के निर्धारित साइट पर अपलोड किया जाना है.
क्या कर रही हैं पंचायतें
महिलोंग, नामकुम की मुखिया सुजाता मिंज के अनुसार जल जीवन मिशन से प्यासी पंचायतों को बड़ी राहत मिलेगी. इसके लिये सर्वेक्षण का काम पंचायतों में किया जा रहा है. जिन्हें अपने अपने घरों में पानी के लिये नल कनेक्शन लेना है, उनसे आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं. फॉर्म भरा जा रहा है. 14वें वित्त से गांव में जलमीनार बनाये गये हैं, पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है. इच्छुक ग्रामीणों को वाटर कनेक्शन समय के साथ दिया जायेगा.




