
- वक्ताओं ने कहा- जाम के लिए प्रदर्शन को जिम्मेवार ठहराना गलत
Ranchi : जिला प्रशासन की ओर से धरना-प्रदर्शन के लिए दूसरी जगह का चयन करना हास्यास्पद है. इस काम के लिए डीसी ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया है. जिसमें रांची जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी शामिल होंगे.
इस टीम को धरना प्रदर्शन के लिए जगह तय कर डीसी को सुझाव देना है. यह चर्चा समाजिक संगठनों, सिविल सोसायटी और वामदलों के संयुक्त बैठक में की गयी. बैठक शनिवार को सीपीआइएम कार्यालय में की गयी. जिसमें वक्ताओं ने कहा कि जिला प्रशासन की ये तत्परता पिछली सरकार के एक निर्णय पर आधारित है.
जिसमें ट्रैफिक जाम के लिए धरना प्रर्दशन को जिम्मेवार ठहराया गया था. इसके साथ ही धरना प्रदर्शन आबादीवाले क्षेत्र से दूर आयोजित करने का निर्देश दिया गया था. वक्ताओं ने कहा कि ये तर्क हास्यप्रद है कि सिर्फ धरना प्रदर्शन से ट्रैफिक जाम होता है.
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ट्रैफिक संरचना में ही जटिलता
वक्ताओं ने कहा कि हकीकत यह है कि धरना प्रदर्शन रोज नहीं होते. लेकिन राजधानी में ट्रैफिक जाम हर दिन होता है. रांची शहर की ट्रैफिक संरचना में ही जटिलता है.
क्योंकि रांची जो झारखंड बनने से पहले एक जिला मुख्यालय का छोटा सा शहर था. अब यह बीस साल पहले की तुलना में अब यहां चार पहिया और दो पहिया वाहनों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है.
ट्रैफिक विशेषज्ञों समेत अन्य वर्गों से करें बात
निर्णय लिया गया कि राजधानी में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए नगर विकास विभाग को पहल करनी चाहिए. इसके लिए ट्रैफिक विशेषज्ञों, नगर निगम, रांची की सिविल सोसाइटी और राजनीतिक पार्टियों से बात कर समस्या के स्थायी समाधान का उपाय करना चाहिए.
लेकिन जिला प्रशासन केवल धरना प्रदर्शन को ही लक्षित कर कदम उठाये जाने का प्रयास कर रहा है. बैठक में सुफल महतो, विरेंद्र कुमार, अजय सिंह, सुशांतो मुखर्जी, नदीम खान समेत अन्य लोग मौजूद थे.
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