
Biswanath (Assam): असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की रैली के दौरान पुलिस द्वारा एक 3 साल के बच्चे की काली जैकेट उतरवाने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि सीएम की रैली में नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर किसी तरह के विरोध-प्रदर्शन से आशंकित पुलिस ने काले कपड़ों पर मनाही थी. इस दौरान रैली में शामिल होने जा रही एक महिला को पुलिस ने उसके तीन साल के बच्चे की काली जैकेट उतारने को कहा, जबकि उस दौरान इलाके में ठंड थी, और तापमान 13 डिग्री के आसपास था. बच्चे के काले जैकेट उतारने का वीडियो वायरल हो रहा है. वही इस मामले के सामने आने के बाद सीएम ने जांच के आदेश दिए है.
दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों से असम में नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ सीएम सोनोवाल और दूसरे बीजेपी मंत्रियों को कई सार्वजनिक मौके पर काले झंडे दिखाए जा रहे हैं. जिसके बाद पुलिस ने रैली में काले कपड़ों पर बैन लगा रखा था.
सोनोवाल सरकार की सफाई
हालांकि, पूरे मामले के सामने आने के बाद सरकार की किरकिरी हुई. वहीं मामले पर सफाई देते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत दास ने कहा कि सरकार की तरफ से पुलिस को ऐसे कोई निर्देश नहीं दिए गए थे. उन्होंने कहा कि ‘लोगों के काले कपड़े पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता है. मुझे नहीं पता कि पुलिस ऐसा क्यों कर रही है. इस तरह के निर्देश न तो सरकार और न ही पार्टी की ओर से जारी किए गए थे.’ इतना ही नहीं पुलिस ने भी इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए ऐसे किसी तरह के एक्शन से इनकार किया. मामले पर बिश्वनाथ के एसपी राकेश रोशन ने कहा, ‘यह एक गलत रिपोर्ट है. हमने महिला का बयान लिया है और उसने कहा कि उसके बेटे को गर्मी लग रही थी और इसलिए उसने उसकी जैकेट उतार दी.’
ज्ञात हो कि मंगलवार को सीएम सोनेवाल की रैली असम के बिश्वनाथ जिले में के बेहाली में थी. यहां उन्होंने एक सिल्क मिल का शिलान्यास किया था. और इस कार्यक्रम के दौरान शीतलहर चल रही थी, और इलाके का तापमान 13 डिग्री के करीब था.




