
Ranchi: कोयले की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड की ओर से नई तकनीक अपनाने पर बल दिया जा रहा है. इस संबंध में कोल इंडिया के अध्यक्ष प्रमोद कुमार अग्रवाल ने प्रभावी कदम उठाया है. श्री अग्रवाल का मानना है कि हमारे देश में कोयले की गुणवत्ता अन्य देशों की तुलना में उतनी अच्छी नहीं है. इस वजह से हमारे यहां उत्पादित कोयले की वैश्विक स्तर पर मांग कम है.
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उनका यह भी मानना है कि कई कंपनियों को उच्च गुणवत्ता वाले कोयले या कोकिंग कोल की आवश्यकता होती है, वैसी कंपनियों में निम्न गुणवत्ता के कोयले की मांग कम होती है. गौरतलब है कि कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद कुमार अग्रवाल मंगलवार (16फरवरी) को पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान जिलांतर्गत सांकतोड़िया स्थित ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के मुख्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने समीक्षा बैठक करते हुए चालू वित्तीय वर्ष के दौरान कोयला उत्पादन लक्ष्य हासिल करने की दिशा में ईसीएल के अधिकारियों कर्मियों और जेसीसी सदस्यों से अपील की.
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श्री अग्रवाल ने इस दौरान कहा कि फिलवक्त देश में कोल इंडिया के पास 73 मिलियन टन कोयले का भंडार है. उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दिनों में कोयले के भंडार और आयात में भी वृद्धि हुई है. इस बात पर भी बल दिया कि देश में कोयले की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए नई तकनीक अपनाने की अत्यंत आवश्यकता है. इस दिशा में विदेशी कंपनियों से भी संपर्क किया जा रहा है.
निम्न गुणवत्ता वाले कोयले को परिष्कृत कर उसकी गुणवत्ता में वृद्धि करने संबंधी प्रयास भी कोल इंडिया की ओर से की जा रही है. ईसीएल में समीक्षा बैठक के दौरान निदेशक तकनीकी (संचालन) बी वीरा रेड्डी, निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना) जेपी गुप्ता, निदेशक वित्त गौतम चंद्र डे, मुख्य सतर्कता अधिकारी एमके मिश्रा, ईसीएल सीएमडी के तकनीकी सचिव नीलाद्री राय सहित ईसीएल मुख्यालय के सभी विभागाध्यक्ष उपस्थित थे.
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