Chhath

गिरिडीह में छठ घाटों में उमड़ा आस्था का सैलाब, छठव्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को दिया अर्घ्य 

Giridih: लोकआस्था और कठिन साधना के महापर्व कार्तिक छठ पूजा दो साल बाद पूरी तरह से महामारी मुक्त माहोल में हुआ. लिहाजा, लाखो की संख्या में घाटों में भीड़ उमड़ी, और हर एक व्रती ने सृष्टि के प्रत्यक्षदेव भगवान सूर्य और छठ मईया का आह्वान करते हुए अपनी आस्था व्यक्त की और चार दिवसीय महाअनुष्ठान के तीसरे दिन रविवार को गिरिडीह के हर घाटों में अस्ताचलगामी भगवान सूर्य और छठी मईया को दूध और नदी के जल से अर्ध्य प्रदान किया. इस दौरान शहर के प्रमुख छठ अरगाघाट, चिरैयाघाट के शिवशक्ति छठ घाट, कर्बला रोड के दीनदयाल घाट, साई घाट, आम घाट, झरियागादी घाट, ‍शास्त्री नगर घाट, पचम्बा बुधवाहार घाट समेत जिला मुख्यालय के दर्जन भर घाटों में व्रतियों की भीड़ जोश के साथ उमड़ी. जहां व्रतियों ने पहले नदी के जल में स्नान किया और अर्घ्य देने की तैयारी में जुट गई. इस दौरान व्रतियों के घर की महिलाएं और पुरुष सदस्य व्रतियों का सहयोग करते दिखे। जैसे जैसे भगवान सूर्य के अस्त होने का वक्त हुआ, हर व्रति पूजा अर्चना और अर्घ्य देना शुरू किया. हाथ में फल, और महापर्व के प्रसाद ठेंकुआ से भरे सूप और डाला लिए व्रतियों ने परिक्रमा शुरू, की तो भक्तो की भीड़ ने सुख समृद्धि और निरोगीकाया का आशीर्वाद मांगते हुए दूध और जल से अर्घ्य देना शुरू की. युवाओं से लेकर बेटियां, महिलाएं और वृद्ध तक में महापर्व आस्था का ज्वार दिखा. इस दौरान हर घाटों में लोकगीत कांच ही बांस के बहंगिया, लचक्त जाएं, उगी है सूर्य देव, दोनो कर जोड़वा, अर्ग के बैरवा समेत कई लोकगीत महापर्व में मिठास घोल रहे थे.

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इससे पहले दोपहर होते ही भक्तो की भीड़ सिर पर डाला लिए घाटों की और निकली, जबकि व्रती भी लोकगीत गुनगुनाते और दंड देते हुए घाटों तक पहुंची. इस दौरान सदर विधायक सोनू भी कई प्रमुख घाटों में पहुंचे, जहा पूजा समिति की और से सदर विधायक का स्वागत भगवा अंगवस्त्र पहनाकर किया गया.

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