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राजधानी रांची में अवैध हथियारों की बिक्री बढ़ी, 2018 में सबसे अधिक आर्म्‍स एक्‍ट के मामले दर्ज

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Ranchi : रांची पुलिस की लाख कोशिश के बाद भी अवैध हथियारों की तस्करी का कारोबार रूक नहीं रहा है. पिछले 5 साल के आंकड़ों को देखा जाए, तो इस वर्ष (2018) अभी तक सबसे ज्यादा आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हुए हैं. राजधानी रांची में अवैध हथियार तस्कर काफी सक्रिय हैं. तस्कर कम कीमत पर अपराधियों को हथियार उपलब्ध आसानी से करा देते हैं.

2018 में सबसे ज्यादा आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज

पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2013 में 87 मामले,2014 में 69 मामले, 2015 में 63 मामले, 2016 में 85 मामले, 2017 में 72 मामले और 2018 में अक्टूबर तक आर्म्स एक्ट के 91 मामले दर्ज हो चुके है. हथियारों के इस अवैध कारोबार की जानकारी ना तो पुलिस को सही तरीके से मिल पाती है, ना ही कोई खुफिया एजेंसी इस पर सक्रिय नजर आती है. हथियार तस्कर शहर के बाहरी इलाकों के समेत धुर्वा, डोरंडा, जगरनाथपुर, तुपुदाना,अरगोड़ा और रातू क्षेत्र में सक्रिय है.

छात्र बनकर करते हैं हथियारों की तस्करी

मिली जानकारी के मुताबिक हथियार तस्कर छात्र बनकर हथियारों की सप्लाई करते हैं. बिल्कुल छात्र के जैसे सप्लायर अपने पीठ पर हथियारों से भरा बैग लटकाए सुनिश्चित स्थानों तक हथियार पहुंचा रहे हैं. छात्र समझकर पुलिस भी युवकों का रोक-टोक भी नहीं करती, ना ही जल्दी शक हो पाता है.

खुफिया विभाग ने डीजीपी को लिखा था पत्र

रांची में अवैध हथियार का कारोबार की गुप्त सूचना मिलने पर खुफिया विभाग ने राज्य के डीजीपी को  हथियार तस्करों पर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा था. खुफिया विभाग को मिली सूचना के मुताबिक हथियार के अवैध कारोबारों का सरगना शाकिद उर्फ पाव है. रांची में इसकी एक दुकान भी है. दुकान की आड़ में प्रशासन और जनता के बीच इमानदार बनकर बड़ी चालाकी से वह हथियारों की खरीद-फरोख्त करता है. इसने अपना एक गिरोह भी बना लिया है. प्रतिबंधित संगठन टीएसपीसी और माओवादियों से हाथों हाथ पैसा लेकर इस गैंग द्वारा हथियारों की बिक्री की जा रही है. शाकिद का संपर्क दूसरे राज्य के हथियार तस्कर गिरोह से भी है.

अवैध हथियारों से हो रही हैं हत्याएं

रांची में जितने भी हत्याएं हुई हैं, उनमें से अधिकतर हत्याएं अवैध हथियारों से की गयी है. अवैध हथियार आसानी से उपलब्ध होने के कारण अपराधी इसका भरपूर फायदा उठाते हैं. इन अवैध हथियारों से हत्या की घटना का अंजाम देते हैं. हाल के दिनों में जितने भी अपराधी गिरफ्तार हुए हैं, उनमें से सबके पास से अवैध हथियार बरामद हुए हैं.

इस दर पर बिकते हैं हथियार

जानकारी के अनुसार छोटे हथियार 30 से 70  हजार. टेलीस्कोप के साथ बड़ा हथियार दो लाख रुपये तक में बेचे जाते हैं. इसी तरह 300  से 700  रुपये तक कारतूस की भी बिक्री की जाती है.

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