
Chhaya
Ranchi: बिजली कर्मियों की हित वाले ज्ञापन बिजली निगम के बाबुओं के मेज में धूल फांकती है. दिन-रात सेवा देते हुए बिजली कर्मियों की मौत हो रही है. पहले ही इस संबध में एसोसिएशन की ओर से निगम प्रबधंन और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाता रहा है, लेकिन किसी भी ज्ञापन पर कार्रवाई नहीं हुई. यहां तक की मृत बिजली कर्मियों के फाइल के साथ ज्ञापन को अटैच नहीं किया. जिस वजह से वरीय अधिकारियों तक इनकी बातें नहीं पहुंच पा रही है.

झारखंड पावर इंजीनिर्यस सविर्स एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री को इस आशय का पत्र लिखा गया है. जिसमें ये बातें लिखी गयी हैं. पत्र में कोरोना काल में ड्यूटी के कारण मृत बिजली कर्मियों की जानकारी दी गयी है. हालांकि एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि उनकी मांगों पर जिम्मेदारी निर्धारण किया जाये.
जिसमें मृत बिजली कर्मियों के परिजनों को आर्थिक सहयोग से लेकर कर्मियों के वैक्सीन की सुविधा तक की बात की गयी है. पत्र में एसोसिएशन की ओर से लिखा गया है कि बिजली कर्मियों ने इस खतरे को पहले ही भांप लिया था. और प्रबंधन को ज्ञापन भी दिया. लेकिन कोई कार्रवाई समय पर नहीं हुई.
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बाबुओं ने राज्य को संकट में धकेला: पत्र में लिखा है कि सभी ज्ञापन और मृत बिजली कर्मियों की मौत की जानकारी संलग्न कर रहे हैं. ताकि वरिष्ठ अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री यह जान सके कि कैसे होनहार जान गंवा कर रहे हैं. इस बात का भी उल्लेख है कि बाबुओं ने राज्य को संकट में धकेला है.
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ज्ञापन में जिक्र है कि केंद्रीय उर्जा मंत्रालय ने बिजली कर्मियों को फ्रंट लाईन वर्कर की वैक्सीन देने का आदेश दिया है. इस संबध में आठ अप्रैल और 12 अप्रैल को भी प्रबंधन को पत्र लिखा. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि इस पर तुरंत कार्रवाई की जाये.
ज्ञापन के अंत में एसोसिएशन की ओर से लिखा गया है कि संघ ने हमेशा सकारात्मक सुझाव दिया है. शीर्ष प्रबंधन ने माना भी है. लेकिन ये फाइल किन बाबुओं के स्तर से धूल में फांक जाते हैं, उन्हें चिहिन्त किया जाय. मुख्यमंत्री ऐसे कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करें.




