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Himachal Pradesh: किन्नौर लैंडस्लाइड में लापता बस का मलबा मिला, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Himachal Pradesh : किन्नौर में बुधवार को हुए लैंडस्लाइड में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. हादसे में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है. हादसे का शिकार हुई एचआरटीसी की बस का पता चल गया है. रेस्क्यू टीम और आईटीबीपी के जवानों ने बस के कल पुर्जे बरामद किए हैं. गुरुवार सुबह से रेस्क्यू ऑपरेशन एक बार फिर से शुरु कर दिया गया है.

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रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी आईटीबीपी टीम के मुताबिक, किन्नौर में भूस्खलन वाली जगह पर सड़क को साफ करने के बाद आईटीबीपी की टीम ने बस को खोजने में कामयाब रही. गुरुवार सुबह बस का मलबा सड़क से 500 मीटर नीचे और सतलुज नदी से 200 मीटर ऊपर मिला है. बस के ड्राइवर-कंडक्टर समेत 13 घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी भावानगर पहुंचाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है. दिन में राहत-बचाव कार्य तेजी से चलता रहा, लेकिन पहाड़ से पत्थर गिरने से रेस्क्यू अभियान में परेशानी आती रही.

 

हरिद्वार जा रही बस के ऊपर गिरा पहाड़

हादसे का शिकार हुई बस किन्नौर के जिला मुख्यालय रेकॉन्ग पिओ से शिमला होते हुए हरिद्वार जा रही थी. रेकॉन्ग पिओ से 61 किमी दूर निगुलसारी के पास हाइवे के एक बड़े हिस्से पर भूस्खलन बुधवार सुबह करीब 11.30 बजे के आसपास भूस्खलन हुआ. हादसे की चपेट में बस समेत कई गाड़ियां आ गई थीं. शुरुआत में बस में सवार यात्रियों की संख्या को लेकर कोई जानकारी नहीं थी. बस ड्राइवर के अनुसार, बस में 25 यात्री सवार थे. वहीं, मलबे से अब तक 14 घायलों को निकाला जा चुका है, जिनकी हालत नाजुक है. इनमें बस चालक और परिचालक शामिल हैं. जबकि 10 शव बरामद किए गए हैं. बचाव अभियान में आईटीबीपी के साथ ही सेना, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ के जवान जुटे हुए हैं.

 

बस ड्राइवर ने जो बताया

बस के ड्राइवर गुलाब सिंह ने बताया, यह अंदाजा लगाना मुश्किल था कि बस यहां से गुजर पाएगी या नहीं. ऐसे में मैं और कंडक्टर बस से उतरकर पैदल सड़क पर चल पड़े. जैसे ही थोड़े आगे निकले, चट्टानें गिरनी शुरू हो गईं. हम दोनों पीछे की तरफ भागे और सड़क किनारे एक जगह पर छिप गए. इसके बाद भारी भरकम चट्टानें और मलबा बस समेत अन्य वाहनों पर गिर गए. वो मंजर बेहद डरावना था. बस कंडक्टर महेंद्र पाल ने बताया, बस में करीब 25 यात्री सवार थे. जैसे ही हम निगुलसेरी पहुंचे, तो उसने देखा कि सामने पहाड़ी से चट्टानें गिर रही हैं. हमने बस को 100 मीटर पीछे ही रोक दिया. यहीं पर कार और ट्रक समेत दूसरी गाड़ियां भी रुक गईं. इसके बाद अचानक पहाड़ी चट्टानें सभी गाड़ियों पर गिर गईं. बस ड्राइवर और कंडक्टर ने ही अफसरों को इसकी सूचना दी.

हिमाचल पुलिस में आईजी हिमांशु मिश्रा हादसे के बाद से लगातार ट्वीट कर अपडेट्स दे रहे हैं. बुधवार रात उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘अब तक लोगों के शव निकाले जा चुके हैं. हादसे में घायल हुए 13 लोगों को इलाज दिया जा रहा है. NH-5 को ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है. हिमांशु मिश्रा ने हादसे में लापता बस के मिलने की जानकारी दी.

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