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मानव तस्करी की शिकार पहाड़िया बच्ची की मौत की हो उच्चस्तरीय जांच: झाविमो

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Ranchi: मानव तस्करी की शिकार पहाड़िया जनजाति की बच्ची की रिम्स में मौत राज्य की कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल कर रख दिया है. झाविमो की केंद्रीय प्रवक्ता सुनीता सिंह ने पार्टी की ओर से शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि अगर बच्ची की ठीक ढंग से देखभाल की जाती तो वह जिंदा रहती. साथ ही मानव तस्कारी में शमिल लोगों के विरूद्ध बच्ची का बयान कई सफेदपोश लोगों को कटघरे में ला देता. सुनीता सिंह ने सरकार पर अरोप लगाया कि बच्ची खुद मरी नहीं है, बल्कि एक तरह से उसकी हत्या की गयी है. इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिये. रघुवर सरकार सिर्फ वादे और घोषणाओं पर चल रही है. राज्य में कानून व्यवस्था की हालत पूरी तरह चरमरा गयी है. वहीं मानव तस्करों के द्वारा राज्य से निरंतर बेटियों के दूसरे राज्यों में बेचा जा रहा है. जिस पर सरकार ने अब तक अंकुश नहीं लगा सकी है. तस्करों के द्वारा राज्य की बेटि‍यों पर जिस तरह के जुल्म ढाये जाते हैं, उससे बड़ी अपराध राज्य व समाज के लिए कुछ और नहीं हो सकता.

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‘रघुवर सरकार मानव तस्‍करी व पलायन रोकने में फेल’

झाविमो केंद्रीय प्रवक्ता सुनीता सिंह ने प्रेस बायन जारी करते हुए सरकार पर अरोप लगाया कि मानव तस्करी और पलायन रोकने में रघुवर सरकार पूरी तरह से फेल है और इससे सरकार की मंशा साफ-साफ जाहिर होती है कि वह गरीबों के प्रति कितनी गंभीर व चिंतित है. राज्य के आदिवासी इलाके मानव तस्करी का गढ़ बन चुका है और तस्कर आदिवासी इलाके से राज्य के दूसरे इलाके में भी अपना पैर फैला चुका है. राज्य में दलाल और मानव तस्कर ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को चंद पैसों की लालच दिखाकर बाहर ले जा रहे हैं और राज्य सरकार सिर्फ तमाशा देखने का काम कर रही है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों मानव तस्कारों की कुकृत्‍य सरकार की  योजनाओं का पोल खोल दे रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप्‍प है. रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है.  भ्रष्टाचार चरम पर है और पलायन व मानव तस्करी हर दिन अपना रिकॉर्ड तोड़ता है. राज्य के मुख्यमंत्री को रघुवर दास को राज्य की जनता को इसका जवाब देना चाहिये.

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