न्यूजविंग संवाददाता, रांची: शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ राकेश के समर्थन में रविवार शाम (03 जनवरी, 2016) शहर के सैकड़ों चिकित्सकों ने कचहरी चौक से कैन्डल मार्च निकाला जो शहीद चौक के निकट यूनिवर्सिटी गेट में पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। इस मार्च में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए,) आईएपी के अलावा शहर के कई प्रबुद्ध नागरिक भी शामिल हुए। बताते चलें कि डॉ राकेश के खिलाफ डोरंडा थाना में इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। इस मामले की सुनवाई उच्च न्यायालय में की जा रही है।
रविवार शाम मार्च में शामिल स्वतंत्रता सेनानी रामधनी साहु ने इस मामले में अपनी संवेदना प्रकट की और कहा कि ऐसी ही स्थिति बनी रही तब एक वख्त समाज चिकित्सक विहीन हो जायेगा। उन्होंने कहा कि देश भर के चिकित्सक यदि एक दिन के सामूहिक अवकाश पर चले जायें तब स्थिति काफी भयावह हो सकती है। इसलिए समाज को एक दूसरे से सामन्जस्य बनाकर चलना होगा।
इधर, रांची विश्वविद्यालय गेट के समीप आयोजित सभा में रांची की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ शोभा चक्रवर्ती, डॉ उषा रानी, डॉ आशा सिन्हा, डॉ करूणा झा, डॉ संध्या अग्रवाल, डॉ संजय झा, डॉ मानसरिया, डॉ श्याम मिढ़ना और आईएमए के अध्यक्ष डॉ जे. के. मिश्रा, डॉ पवन चौधरी, रांची के सचिव डॉ प्रदीप सिंह ने अपने विचार प्रकट किये।
डॉ शोभा चक्रवर्ती ने कहा कि डॉ राकेश की स्थिति देखकर हम चिकित्सक मर्माहत हैं और चिकित्सकों के लिए इससे ज्यादा खराब वख्त नहीं हो सकता। वहीं डॉ उषा रानी का कहना था कि आज एक उच्च ओहदे पर बैठे व्यक्ति द्वारा चिकित्सकों को प्रताड़ित किया जा रहा है इससे पूरा चिकित्सक समाज दुखी है। डॉ करूणा झा ने कहा कि यदि हम मरीज से फी की मांग करें तब हम पर भी एक्सटोर्सन की धारा लगायी जाये। डॉ आशा सिन्हा का कहना था कि डॉ राकेश के बच्चों पर तीन महीने से क्या बीत रही है ये सोच कर हम लोगों की रूप कांप उठती है। सभा को संबोधित करते हुए डॉ श्याम सिड़ना, डॉ जे. के. मिश्रा और डॉ पवन चौधरी ने संयुक्त रूप से कहा कि भविष्य में ऐसी कार्रवाई हुई तो शहर के सभी लोग एकजुट होकर न्याय के लिए चिकित्सकों के साथ खड़े रहेंगे। वहीं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ ओ. पी. मनसरिया ने भी इस मामले में रोष प्रकट किया। इस संबंध में डॉ राकेश की पत्नी डॉ स्वाति ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है।




