
New Delhi/Aligarh/Prayagraj: हाथरस गैंगरेप केस को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं. दिल्ली में कई नेताओं का जमावड़ा आज लगा. इस प्रदर्शन में सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई नेता डी राजा भी उसमें शिरकत करने पहुंचे. साथ ही यहां दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी प्रदर्शन में शामिल हुए. केजरीवाल ने कहा कि दोषियों को जल्द फांसी हो. इस मामले में सियासत नहीं होनी चाहिये. केस में राजनीति नहीं होनी चाहिए.
वहीं, उत्तर प्रदेश में राजनीतिक पारा चढ़ाने वाले हाथरस कांड को लेकर विरोध का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा. महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों के विरोध में सपा और आम आदमी पार्टी (आप) ने जगह-जगह प्रदर्शन किया. वाम दलों ने भी हाथरस समेत अन्य जिलों में महिलाओं के साथ हुई घटनाओं के खिलाफ योगी आदित्यनाथ के इस्तीफे की मांग को लेकर आज यहां हजरतगंज समेत राज्य के कई जिलों में गांधी प्रतिमाओं के निकट धरना दिया.
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हाथरस घटना और कृषि कानूनों के विरोध में मौन व्रत पर बैठने जा रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को शुक्रवार को हजरतगंज इलाके में पुलिस ने रोकने का प्रयास किया और जब वे नहीं रुके तो लाठीचार्ज किया तथा उन्हें आगे नहीं जाने दिया.
कई सपा विधायक और वरिष्ठ पार्टी नेता पार्टी कार्यालय से एक जुलूस के रूप में पार्टी कार्यालय से निकले और हजरतगंज चौराहे तक पहुंचे जहां पुलिस ने मार्ग पर अवरोधक लगा रखे थे. जब सपा कार्यकर्ताओं ने हजरतंगज स्थित गांधी प्रतिमा तक जाने का प्रयास किया तो उन्हें रोक दिया गया. इसपर पार्टी नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस हुई जिसके बाद उन्हें वहां से हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा, ‘‘आज ‘हाथरस की बेटी’ के लिए ‘मौन व्रत’ रख धरने पर बैठने जा रहे सपा के वरिष्ठ नेताओं व विधायकों को भाजपा सरकार ने गिरफ़्तार कर बापू-शास्त्री की जंयती के दिन सत्य की आवाज़ हिंसक तरीक़े से दबाई है. निंदनीय! सपा हाथरस के डीएम, एसपी पर एफआइआर की मांह करती है.’
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समाजवादी पार्टी कार्यालय द्वारा किए गए ट्वीट में कहा गया, ‘लखनऊ में शांतिपूर्ण पैदल मार्च कर रहे सपा विधायकों को पुलिस द्वारा दमनकारी सत्ता के इशारे पर रोकना निंदनीय! बापू ने सदा अहिंसा का वरण किया, हाथरस में हैवानियत की शिकार बेटी और बीजेपी सरकार के अत्याचार के खिलाफ गांधी प्रतिमा तक मार्च निकाल रहे विधायकों को अहंकारी, डरी हुई सरकार ने रोका.’
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमने कुछ सपा विधायकों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है. उन्हें हजरतगंज से दूर ले जाया गया है. यह कानून व्यवस्था की स्थिति को न बिगड़ने देने के लिए किया गया है.’
इस बीच, आम आदमी पार्टी (आप) कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेश के सभी तहसील मुख्यालयों पर गांधी प्रतिमा के सामने अनशन किया.
आप के प्रदेश प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी ने एक बयान में बताया कि इस अनशन से घबराई योगी सरकार की पुलिस ने पार्टी के सांसद व प्रदेश प्रभारी संजय सिंह की पत्नी अनीता सिंह को प्रयागराज में हिरासत में ले लिया.
उन्होंने कहा कि लखनऊ में महिला कार्यकर्ताओं ने आंचल फैलाकर मुख्यमंत्री योगी से बेटियों की सुरक्षा की मांह की. प्रदर्शन कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और सभी को हिरासत में ले लिया.
वामपंथी दलों एवं संगठनों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हाथरस की घटना के विरोध में गांधी प्रतिमाओं पर पहुंचकर धरना दिया और आक्रोश जताया.
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भाकपा के राज्य सचिव डॉ. गिरीश पांडेय ने बताया कि उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ हाथरस में पाबंदी को भेदकर गांधी प्रतिमा पर धरना दिया. लखनऊ में अलग-अलग स्थानों से गांधी प्रतिमा पर धरना दे रहे वामपंथी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
लखनऊ में माकपा के राज्य सचिव डॉ. हीरालाल यादव, मुकुट सिंह और मधु गर्ग समेत कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया और देर शाम रिहा किया गया. भाकपा राज्य सचिव ने आरोप लगाया कि हाथरस में प्रशासनिक, पुलिस, भाजपा और जातीय संगठनों का आतंक बना हुआ है.
पांडेय के मुताबिक कानपुर, उरई, गाजीपुर, सुलतानपुर, गोरखपुर, सोभद्र, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, नोएडा, चित्रकूट, बुलंदशहर, कासगंज, कुशीनगर, शामली, खीरी, मैनपुरी, मेरठ आदि जिलों में गांधी प्रतिमाओं के पास पहुंचकर वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने अपना आक्रोश जाहिर किया.
प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ते अपराध और कथित मानवाधिकार हनन के मुद्दे को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एएमयू के छात्रों ने भी विरोध प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारी छात्र बृहस्पतिवार की शाम मशाल जुलूस लेकर एएमयू के प्रवेश द्वार ‘बाब ए सैयद’ पहुंचे, जहां भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था. प्रदर्शनकारी छात्रों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट रंजीत सिंह को सौंपा. ज्ञापन में प्रदेश में कथित खराब कानून व्यवस्था के लिए उप्र सरकार को हटाने की मांग की गयी.
एएमयू के छात्रों ने यह भी मांग की कि हर जिले में फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन हो और कानून में बदलाव हो ताकि बलात्कारियों को फांसी की सजा मिल सके.
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वहीं, एएमयू महिला कॉलेज छात्र संघ की पूर्व सचिव मैमूना अंसारी ने कहा कि केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन कानून :सीएए: बनाने में व्यस्त है, लेकिन वह महिलाओं और अन्य कमजोर वर्गों के लिए कानून बनाने में नाकाम है.
एएमयू के छात्र नेता फरहान जुबैरी ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर 48 घंटे में कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई तो छात्र जिलाधिकारी कार्यालय और पुलिस अधिकारियों के कार्यालय पर धरना देंगे.
वहीं, प्रयागराज के पुलिस अधीक्षक (नगर) दिनेश सिंह ने बताया कि गांधी जयंती पर नगर के कई स्थानों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से सभाएं कीं, जबकि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यहां सुभाष चौराहे पर अव्यवस्था फैला दी जिसकी वजह से पार्टी के 25 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया.
उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौराहे पर जाम लगा दिया और दौड़ लगाने लगे. वहीं, कांग्रेस और सपा के कार्यकर्ता पार्कों तक ही सीमित रहे और शांतिपूर्ण ढंग से उन्होंने अपना कार्यक्रम किया.
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