
Ranchi: राज्य में पीएम आवास (ग्रामीण) योजना में जरूरतमंदों की उपेक्षा की गयी है. समय पर उनकी ऑनलाइन इंट्री नहीं की गयी. पंचायतों के अनुसार इसमें खासकर ब्लॉक कॉर्डिनेटर और पंचायत सचिवों के स्तर से लापरवाही बरती गयी. इस कारण कई लोगों का नाम आवास योजना से छूट गया.
प्रदेश मुखिया संघ के मुताबिक प्रति पंचायत औसतन 200 ऐसे लोग रहे जिनका ग्राम सभा में नाम तय करके आगे बढ़ा दिया गया. पर समय पर आवास प्लस पोर्टल पर इंट्री नहीं होने से उन्हें अभी आवास योजना का लाभ नहीं मिलेगा. 4300 से भी अधिक पंचायतें राज्य में हैं. इस हिसाब से 1 लाख से भी अधिक आवेदन लंबित रह गये हैं.
संघ के प्रमुख विकास महतो ने इस संबंध में अब केंद्र को भी पत्र लिखकर आवास प्लस पोर्टल को खोले जाने की गुहार लगायी है. इधर, राज्य सरकार ने ऐसी शिकायतों की जांच करने का आदेश दिया है.
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ऑनलाइन इंट्री करने में लापरवाही
विकास महतो के अनुसार प्रावधानों के अनुसार प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिये नियमानुसार SECC Data 2011 सर्वे सूची में शामिल परिवारों को आवास निर्माण का लाभ दिया जाता है. पर कई ऐसे भी परिवार हैं जिनका नाम इस सर्वे सूची में नहीं है.
ऐसे मामले में सूची से वंचित परिवारों का नाम ग्राम सभा करके तय किया जाना था. प्राप्त अनुशंसा की ऑनलाईन इंट्री का जिम्मा प्रखंड समन्वयक (बीसी) के सुपरविजन में किया जाना था. पर ब्लॉक कॉर्डिनेटर और पंचायत सचिव की उदासीनता के कारण इंट्री नहीं की गयी. ऐसे में राज्य की कई पंचायतों में जरूरतमंदों का हक मारा गया. इसे लेकर राज्य सरकार को पहले लिखा गया.
अब केंद्र सरकार से अपील की गयी है कि प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवास प्लस पोर्टल को फिर से खोला जाये ताकि जिनका नाम योजना के लिये अनुशंसित है, उसे आवास प्लस पोर्टल पर इंट्री कराकर लाभ दिलाया जाये.
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क्या कहता है विभाग
ग्रामीण विकास विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी यतींद्र प्रसाद के अनुसार कई जिलों में आवास प्लस पोर्टल के लिये ऑनलाईन इंट्री में लापरवाही बरते जाने की शिकायत सही हो सकती है. इसमें पूर्वी सिंहभूम सहित कई अन्य जिले प्रमुख हैं. इस संबंध में संबंधित जिलों के डीडीसी को मामले की जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है.
वैसे राज्य सरकार की ओऱ से 10 लाख से अधिक लोगों की इंट्री और रजिस्ट्रेशन करके केंद्र के पास पूर्व में भेजा जा चुका है. आवास प्लस पोर्टल को खोले जाने को भी कई बार पत्र लिखा गया है पर अभी उम्मीद नहीं दिखती.
आवास योजना में झारखंड का बढ़िया परफॉर्मेंश
पिछले साल शुरू हुए कोरोना संकट के बावजूद झारखंड ने पीएम आवास (शहरी) में बढ़िया परफॉर्मेंश दिखाया है. ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार केंद्र सरकार (ग्रामीण विकास मंत्रालय) ने आवास सॉफ्ट में परफॉर्मेंश इंडेक्स तैयार किया है. इसमं योजना की प्रगति के लिये 100 अंक तय किया गया है.
झारखंड ने 2020-21 के टारगेट के विरुद्ध 82.46 प्रतिशत अंक के साथ देशभर में पहला स्थान हासिल किया है. आवास योजना के तहत 12,72,916 आवास तैयार किये जाने का लक्ष्य तय किया गया है. जानकारी के अनुसार अब तक इसके विरुद्ध 7,42,117 से अधिक आवास तैयार किये जा चुके हैं.
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