
Giridih : तमाम प्रयासों के बाद भी गिरिडीह सीसीएल के सुरक्षा प्रभारी जयप्रकाश सिंह उर्फ भोला का चौथे दिन गुरुवार को पता नहीं चला. पुलिस विभाग ने रांची से एनडीआरएफ की टीम को भदुआपहाड़ी से चार किमी दूर बंद पड़े चानक में तलाशी के लिए बुलाया. लेकिन जब एनडीआरएफ ने अपने विशेष डिवाईस से चानक की गहराई मापी, तो टीम भी चौंक गयी.
क्योंकि 600 से 700 फीट चानक की गहराई आंकी गयी. जानकारी दी गयी कि 9वीं बटालियन एनडीआरएफ की टीम के कमांडर मो कलाम जिला प्रशासन को पत्र लिखने जा रहे हैं कि चानक में सुरक्षा के साथ उतरने के लिए कई और डिवाईस के साथ अन्य संसाधनों की जरूरत पड़ सकती है.
साथ ही चानक की गहराई में मौजूद कार्बनडाईआक्साईड गैस से बचाव के लिए आक्सीजनयुक्त मास्क की जरुरत पड़ेगी. खबर है कि टीम कमांडर के लिखे पत्र के आधार पर जिला प्रशासन राज्य सरकार के गृह मंत्रालय को त्राहिमाम पत्र लिखकर सहयोग मुहैया कराने की अपील कर सकती है.
गुरुवार को सुबह नौ बजे एनडीआरएफ की 17 सदस्यीय टीम बनियाडीह चानक पहुंचते ही आपदा राहत कार्य चलाने में जुट गयी थी. शुरुआती दौर में चानक की गहराई देखने के बाद टीम के जवानों ने रिस्क लेना जरुरी नहीं समझा.
इससे पूर्व टीम के जवानों ने सदर एसडीएम राजेश प्रजापति, एएसपी दीपक कुमार, सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, डीएसपी नवीन सिंह और नगर थाना प्रभारी आदिकांत महतो के मौजदूगी में राहत कार्य चलाना शुरू किया. मौके पर सीसीएल के जीएम प्रशांत वाजपेई समेत सीसीएल के कर्मी मौजूद थे. सीसीएल के मशीनें भी टीम का सहयोग में लगाई गयीं.
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सुरक्षा प्रभारी को लेकर गिरिडीह पुलिस परेशान नजर आ रही है
चौथे दिन जारी रेस्कयू आपरेशन को देखने के लिए जहां काफी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे. सूत्रों के अनुतार चार दिन से लापता सुरक्षा प्रभारी को लेकर गिरिडीह पुलिस भी परेशान नजर आ रही है कि आखिर ओपेनकास्ट के कोयला तस्करों के खिलाफ कराये गये केस से बौखलाएं इलाके के कोयला तस्करों ने सुरक्षा प्रभारी का अपहरण करकहां छिपा रखा है?
घटना के बाद से पूछताछ के लिए हिरासत में लिये गये लोगों ने पुलिस को क्या जानकारी दी है इसे भी पुलिस ने अभी गोपनीय बनाये रखा है. सूत्रों की मानें तो सुरक्षा प्रभारी को गायब करने में ओपेनकास्ट के कोयला तस्करों का पूरा हाथ है और सीसीएल प्रबंधन मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं है.

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