
Ranchi : रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के मामले में पुलिस ने एफआइआर आर दर्ज कर ली है. इस मामले में पकड़े गये दो आरोपितों को कोविड-19 टेस्ट कराने के बाद पुलिस जेल भेजेगी. बीते मंगलवार को कालाबाजारी सूचना पर रांची पुलिस ने बिरसा चौक के पास छापेमारी कर दो लोगों को हिरासत में लिया था.
इनके पास से छह इंजेक्शन बरामद किया गया था. हालांकि पकड़े गये संदिग्धों से पूछताछ में मामला किसी संगठित गिरोह द्वारा कालाबाजारी का नहीं निकला. बल्कि संदिग्ध अपने ही मरीज के लिए कोलकाता से मंगवाये गये इंजेक्शन की जरूरत नहीं पड़ने पर उसे बेचने का निकले थे.
पकड़े गये संदिग्ध निर्धारित मूल्य से ऊंची कीमत पर इसकी बिक्री की फिराक में थे. पकड़े गये आरोपितों में जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के हवाई नगर निवासी अभिषेक कुमार और गुलशन कुमार हैं. दोनों रिश्ते में भाई हैं. दरअसल, अभिषेक का मामा कोरोना संक्रमित है.
नामकुम के द्वारिका अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. अस्पताल की ओर से हर हाल में इंजेक्शन देने की बात कही गयी थी. इस पर अभिषेक ने 96 हजार ऑनलाइन पेमेंट कर कोलकाता से इंजेक्शन मंगवाया था. जब तक अभिषेक द्वारा मंगवाया गया रेमडेसिविर इंजेक्शन उसके पास पहुंचा, तब तक उसके मामा को अस्पताल के द्वारा ही इंजेक्शन लगाया जा चुका था.
ऐसे में उसका इंजेक्शन बच गया, तो वह सोशल मीडिया पर जरूरतमंदों को देख कर बेचने निकल गया. धुर्वा के ही रंजन नाम के एक युवक से 75 हजार में सभी छह इंजेक्शन बेचने की बात हुई थी. बातचीत के बाद खरीदार युवक ने इसकी सूचना पुलिस को दी. इसके बाद पुलिस की एक विशेष टीम सादे लिबास में मौके पर पहुंची और इंजेक्शन देने पहुंचे अभिषेक और गुलशन को हिरासत में ले लिया.
उनकी कार (जेएच-01एएल-1326) भी जब्त कर लिया गया है. महामारी के दौर में निर्धारित मूल्य से ऊंची कीमत पर बेचने की वजह से कालाबाजारी और बिना किसी वैध लाइसेंस दवा खरीद-बिक्री की एफआइआर दर्ज की गयी है.
खरीदार युवक ने अभिषेक से फोन पर बातचीत के बाद उसे पहले मेन रोड बुलाया. बाद में दूसरे नंबर से कॉल कर उसे बिरसा चौक के समीप स्थित एक प्रतिष्ठित होटल के पास बुलाया. अभिषेक इंजेक्शन बेचने के लिए बिरसा चौक पहुंच गया. इस बीच वहां पहले से पुलिस की टीम सादे लिबास में मौजूद थी. जैसे अभिषेक वहां पहुंचा खरीदार ने पुलिस को इशारा कर उसकी ओर भेजा.
इस बीच सुखदेव नगर थाने की इंस्पेक्टर ममता कुमारी ने अभिषेक और उसके साथ मौजूद गुलशन को खदेड़ कर दबोच लिया. इसके बाद दोनों को जगन्नाथपुर थाने ले गयीं. कालाबाजारी की सूचना पर पहुंची टीम को कोतवाली एएसपी मुकेश कुमार लुनायत लीड कर रहे थे.
जानकारी के अनुसार अभिषेक के मामा को इंजेक्शन की जरूरत जब पूरी हो गयी तो उसका 6 इंजेक्शन बच गये थे. इस बीच इंजेक्शन बेचने को लेकर उसकी बातचीत हरमू निवासी सोनू नाम के युवक से हुई. सोनू ने अभिषेक को धुर्वा निवासी रंजन का नंबर दे दिया.
इसके बाद रंजन की अभिषेक से फोन पर ही बातचीत के क्रम में छह रेमडेसिविर इंजेक्शन 75 हजार रुपये में बेचने की डील हुई. इस बातचीत की ऑडियो पुलिस के पास पहुंच गयी इसके बाद पुलिस ने एक विशेष टीम बना कर बिरसा चौक में छापेमारी की और इंजेक्शन बेचने पहुंचे अभिषेक और उसके साथ मौजूद गुलशन को भी दबोच लिया और थाने ले गयी.
रेमडेसिविर इंजेक्शन की 6 वाइल अभिषेक तक कैसे पहुंची, पुलिस इसका पता लगा रही है. पुलिस यह देख रही है कि इंजेक्शन की कहीं कालाबाजारी करते हुए उस तक तो नहीं पहुंचाया गया. कोलकाता से किस परिस्थिति में उसे भेजा गया है या किसी गिरोह का यह काम तो नहीं. अलग-अलग पहलुओं पर पुलिस जांच में जुट गयी है. क्योंकि यह इंजेक्शन सरकार अपने कंट्रोल में मरीजों तक पहुंचा रही है.




