
Giridih : झारखंड-बिहार के जमुई-गिरिडीह जिले में नक्सलियों के मंसूबे को डैमेज करने को लेकर एक बार फिर दोनों जिलों की पुलिस रणनीति बनाने में जुट गई है. इसी क्रम में शनिवार को गिरिडीह के तिसरी प्रखंड के एसएसबी कैंप में दोनों जिलों की पुलिस और पारा मिलिट्री फोर्स की इंटरस्टेट ज्वांईट बैठक हुई.
हालांकि बैठक में दोनों जिलों की पुलिस ने आर्थिक अपराध रोकने की रणनीति पर भी चर्चा की. लेकिन बैठक में नक्सलियों के खिलाफ साझा ऑपरेशन की रणनीति बनाई गई.
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इस दौरान बैठक में गिरिडीह एसपी अमित रेणु के साथ सीआरपीएफ सांतवी बटालियन के गिरिडीह कमांडेट भारत भूषण जखमोला, जमुई सदर एसडीपीओ राकेश कुमार, झाझा एसडीपीओ रवि कुमार और खोरी महुआ एसडीपीओ मुकेश महतो के अलावे गिरिडीह एएसपी गुलशन तिर्की भी शामिल हुए.
बंद कमरे में तीन घंटे तक चले बैठक के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा किया गया. तो प्रोजेक्टर के माध्यम से दोनों जिलों के नक्शा को भी खंगाला गया. बैठक में शामिल अधिकारियों ने कहा कि दोनों जिलों की भौगौलिक बनावट पूरी तरह से पहाड़ी और जंगलो से घिरा हुआ है.

लिहाजा, इसका फायदा नक्सली और अपराधी कई सालों से उठाते रहे है. क्योंकि एक जिले में घटना को अंजाम देने के बाद दोनों दुसरे जिले में प्रवेश करते हैं. तो नक्सलियों और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में परेशानी आती है.
बैठक में एसएसबी के सहायक कमांडेट सतीश कुमार, विनायक, पुलिस निरीक्षक परमेशवर लियांगी, रवि पंडित समेत दोनों जिलों के कई पुलिस पदाधिकारी और सीआरपीएफ के पदाधिकारी शामिल हुए.
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