Uncategorized

नगड़ी के लोग खेत जोतना शुरू करें: शिबू

रांचीः आइआइएम, आइआइआइटी और लॉ यूनिवर्सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे नगड़ी के लोगों ने रविवार को महासभा की. नगड़ी के चौरा में आयोजित इस महासभा में 35 गांव के लोग जुटे. पूर्व मुख्यमंत्री व झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन ने कहा कि किसी भी हालत में खेती की जमीन सरकार के पास नहीं जाने दी जायेगी. नगड़ी के लोग खेतों को जोतना शुरू करें. खेत में हरियाली नजर आनी चाहिए.

महासभा में शिबू ने कहा, मैं सरकार में हूं. पर सरकार के खिलाफ बोल रहा हूं, क्योंकि यह जनता की बात है. यहां की जमीन पर अफसर रहेंगे, तो ग्रामीण कहां जायेंगे. उन्होंने कहा, अलग राज्य के लिए कितने ही लोग शहीद हुए, जेल गये. हमलोग डुगडुगी बजाते थे, तो हजारों लोग निकल आते थे. इस तरह अलग राज्य मिला. पर, इसे चलाना भी आना चाहिए. यहां कोई किसी की नहीं सुनता. जनता की दुर्दशा अभी भी जारी है.

महासभा का आयोजन जमीन बचाओ संघर्ष समिति की ओर से किया गया था. महासभा उसी स्थान पर हुई, जहां चार जुलाई को पुलिस और ग्रामीणों में झड़प हुई थी. इसे कोर कमेटी के सदस्यों के अलावा, विभिन्न पार्टियों के नेता, संगठनों से जुड़े लोग और ग्रामीणों ने भी संबोधित किया. महासभा में आये सभी लोगों ने जमीन नहीं देने का संकल्प दोहराया.

वक्ताओं ने कहा कि सरकार कांके में ही नयी राजधानी बनाना चाहती है. नगड़ी प्रवेश द्वार होगा. इसलिए नगड़ी की जमीन नहीं दी जायेगी. कांके में कहीं भी विस्थापन और पलायन का विरोध होगा. सरकार जबरदस्ती करेगी, तो 35 गांव के 50 हजार लोग सड़कों पर उतर कर विरोध करेंगे. शिबू सोरेन की घोषणा सुनने के बाद ग्रामीणों के चेहरे खिल गये थे. कुछ महिलाओं ने कहा कि अब लग रहा है कि महीनों से चल रहे आंदोलन का हमलोगों के पक्ष में परिणाम निकलेगा.

समिति व ग्रामीणों में वार्ता आज
मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय समिति और नगड़ी के ग्रामीणों के बीच सोमवार को वार्ता होगी. बातचीत दिन के 12.30 बजे से बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में निर्धारित है. इससे पहले शनिवार को एटीआइ में बैठक आयोजित की गयी थी. पर ग्रामीणों ने वहां जाने से इनकार कर दिया था. कहा था कि बात करनी है, तो सरकार अखड़ा में आये. इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से बीएयू में बैठक तय की गयी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button