News Wing
Patna, 01 December : बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के आज अंतिम दिन भी विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहने के साथ दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी. उप-मुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा आज पेश 9598.98 करोड़ रुपये के वित्तीय वर्ष 2017—2018 की द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी को ध्वनिमत से पारित किए जाने के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई.
यह भी पढ़ें : भागलपुर झंडापुर तिहरा हत्याकांड: इकलौती गवाह बिंदी कुमारी को आया होश, बयान दर्ज कर सकती है पुलिस
राजद के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों के हंगामा करने और सरकार विरोधी नारेबाजी किए जाने से बिहार विधानसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पडी. भोजनावकाश के बाद बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भ्रष्टाचार को लेकर इस्तीफे की मांग की. विपक्षी सदस्यों के सरकार विरोधी नारेबाजी करने पर अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने सदन की कार्यवाही शाम 4.50 तक के लिए स्थगित कर दी.
यह भी पढ़ें : पत्रकारों के सवाल पर भड़की राबड़ी देवी, कहा- ‘हां, हम गुंडा-मवाली हैं
सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने फिर से सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. विपक्ष के हंगामे और शोरशराबे के बीच सिंह ने विपक्षी सदस्यों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन्हें शासन चलाने से कोई मतलब नहीं है और इन्हें तो केवल हंगामा करना है. बिहार विधानपरिषद में भी आज भोजनावकाश के पूर्व विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण उपसभापति हारूण रशीद को सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित करनी पडी. दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकालीन समय के लिए स्थगित किए जाने के समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में मौजूद थे.




