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JPSC मुख्य परीक्षा पर संशय, परीक्षा हुई तो 2 लाख 7 हजार 804 कॉपियां चेक में लगेगा कितना वक्त !

बड़ा सवाल यूपीएससी को रिजेक्ट कर बनाया अपना सिलेबस, भाषा साहित्य को भी जेनरल नॉलेज मानता है जेपीएससी

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RAVI ADITYA

RANCHI : झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा ली जाने वाली छठी जेपीएससी की मुख्य परीक्षा में अब तक संशय की स्थिति बनी हुई है. जेपीएससी ने इस बार मुख्य परीक्षा के लिये जेनरल नॉलेज में छह पेपर रखा है. इसमें भाषा साहित्य भी है. जेपीएससी भाषा साहित्य को भी जेनरल नॉलेज ही मानता है. बताते चलें कि जेपीएससी ने यूपीएससी पैटर्न को भी नकार कर अपना सिलेबस तैयार किया है. यूपीएससी में एक ऑप्सनल पेपर रहता है. वहीं पड़ोसी राज्य बिहार में भी मुख्य परीक्षा के लिये एक ऑप्सनल पेपर है. लेकिन जेपीएससी ने  मुख्य परीक्षा के लिये जेनरल नॉलेज के तहत छह पेपर रखा है.

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छठी जेपीएससी की प्रक्रिया पूरी करना बड़ी चुनौती

जेपीएससी के लिये छठी प्रतियोगिता परीक्षा की प्रक्रिया पूरी करना बड़ी चुनौती बन गई है. अब तक अभ्यर्थियों का एडमिट कार्ड भी तैयार नहीं हुआ है. पीटी में कुल 34,634 अभ्यर्थी सफल रहे हैं. अगर इतने अभ्यर्थी छह पेपर की परीक्षा दें तो कुल 207804 कॉपियां चेक करनी होंगी. कॉपी चेक करने में कितना समय लगेगा यह एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. कॉपी चेक करने के बाद इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू होगी.

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ऐसा है जेपीएससी का सिलेबस

जेपीएससी ने जो मुख्य परीक्षा का सिलेबस बनाया है. उसमें जेनरल नॉलेज के तहत छह पेपर रखे गये हैं. कुल 950 अंकों की परीक्षा होगी. इंटरव्यू 100 नंबर का होगा.
पहला पेपर: सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी: कुल अंक(100)(क्वालीफाई)
दूसरा पेपर: भाषा एवं साहित्य: कुल अंक(150)
तीसरा पेपर: समाज विज्ञान(इतिहास एवं भूगोल): कुल अंक(200)
चौथा पेपर: भारतीय संविधान एवं राजनीति,लोक प्रशासन एवं गुड गवर्नेंस,कुल अंक(200)
पांचवा पेपर: भारतीय अर्थव्यवस्था, भूमंडलीकरण एवं सतत विकास: कुल अंक(200)
छठा पेपर: सामान्य विज्ञान, पर्यावरण एवं तकनीकी विकास: कुल अंक( 200)

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अपर मुख्य सचिव भी नहीं करा पाये प्रक्रिया पूरी

जेपीएससी का अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव रैंक के अफसर के विद्यासागर को बनाया गया. लेकिन वे भी छठी जेपीएससी की प्रक्रिया पूरी नहीं करा पाये. दो साल के कार्यकाल में उन्होंने सिर्फ साक्षात्कार के जरीये विभागों को चयनित उम्मीदवारों की अनुशंसा भेजी. इसमें सहायक कुलसचिव के पद पर दो, उपकुलसचिव के पद पर चार, कुलसचिव के पद पर एक, दंत चिकित्सक के पद पर 112, गैर शैक्षणिक विशेषज्ञ  चिकित्सक(बैकलॉग) के पद पर आठ, गैर शैक्षणिक विशेषज्ञ  चिकित्सक के पद पर 70, और झारखंड वाणिज्य कर पदाधिकारी के पद पर 21 लोगों की अनुशंसा विभागों को भेजी.

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