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टीएमसी विधायक की हत्या के आरोप में भाजपा नेता मुकुल रॉय पर एफआईआर

Kolkata : पश्चिम बंगाल के कृष्णागंज में (नदिया जिला) तृणमूल कांग्रेस के विधायक सत्यजीत बिश्वास की हत्या  मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है. बता दें कि इस मामले में बीजेपी नेता मुकुल रॉय सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गयी है. पुलिस ने इस संबंध में जानकारी दी कि एफआईआर में दर्ज चार आरोपियों में से दो को गिरफ्तार किया जा चुका है. बिश्वास शनिवार शाम सरस्वती पूजा समारोह में गये थे, जहां अज्ञात हमलावरों ने उनपर ताबड़तोड़गोलियां चलाईं. उन्हें तुरंत ही नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया गया है कि समारोह में टीएमसी की नदिया यूनिट के अध्यक्ष गौरीशंकर दत्ता और राज्य की मंत्री रत्ना घोष भी मौजूद थे.

हालांकि खुशकिश्मती से वे दोनों गोलीबारी से कुछ ही मिनट पहले समारोह स्थल से जा चुके थे नदिया जिले के एसपी रूपेश कुमार ने बताया, हमने तीन लोगों को हिरासत में लिया है. हमने हत्‍या में इस्‍तेमाल किया गया देसी कट्टा जब्‍त कर लिया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि उन्‍हें पीछे से गोलियां मारी गयी. यह सुनियोजित तरीके से की गयी हत्‍या है.

पिछले चुनावों में मटुआ समुदाय का समर्थन ममता बनर्जी के साथ रहा है.

विश्‍वास मटुआ समुदाय से आते हैं जो कि राजनीतिक रूप से बंगाल में काफी अहम है. वे इलाके में लोकप्रिय थे और कुछ दिनों पहले ही उनकी शादी हुई थी. बीजेपी और टीएमसी दोनों की ही इस समुदाय पर नजर है. पिछले चुनावों में मटुआ समुदाय का समर्थन ममता बनर्जी के साथ रहा है. इस बार बीजेपी ने इस समुदाय में काफी जगह बनाई है. मटुआ समुदाय आजादी के समय बांग्‍लादेश से भारत आया था. नदिया जिला बांग्‍लादेश सीमा के करीब है और बीजेपी ने हाल के दिनों में यहां पर काफी पैठ बनाई है. पंचायत चुनावों में बीजेपी को काफी कामयाबी मिली थी. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय नदिया लोकसभा सीट से बीजेपी के उम्‍मीदवार सत्‍यब्रत मुखर्जी जीते थे और वे मंत्री भी बने थे. हालांकि 2014 में उन्‍हें 26 फीसदी वोट ही मिले थे. टीएमसी ने इस मामले को राजनीतिक हत्या करार दिया है.

पार्टी ने इसे राजनीतिक हत्‍या बताया और दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की. वहीं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने इन आरोपों से इनकार किया है. उन्‍होंने कहा कि यह टीएमसी की आपसी गुटबाजी की लड़ाई है. उन्‍होंने मांग की है कि दोषियों को जल्‍द से जल्‍द पकड़ा जाए. उन्‍होंने सीबीआई जांच की मांग की है और कहा कि उन्‍हें पश्चिम बंगाल पुलिस पर विश्‍वास नहीं है.

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