
Ranchi : फादर सावरिमुथू के आज सुबह उनके पैतृक गांव (दक्षिण भारत) में निधन होने की खबर है. वे डाल्टेनगंज धर्म प्रांत अंतर्गत नेतरहाट के पकरीपाठ में कार्यरत थे. फादर साबरी मुथू नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज के विरोध में होने वाले आंदोलन की अगुवाई के लिए स्थापित केन्द्रीय जनसंघर्ष समिति के संस्थापक सदस्यों में से एक थे. फादर मुथू झारखंड में आदिवासी अधिकारो के लिए लम्बे समय से कार्य कर रहे थे. फादर के निधन को केन्द्रीय जनसंघर्ष समिति लातेहार, गुमला के साथ साथ विस्थापन विरोधी आंदोलनो के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है.
केन्द्रीय जनसंघर्ष समिति लातेहार गुमला के सचिव जेरोम जराल्ड कुजूर ने कहा कि फादर के निधन से नेतरहाट आंदोलन ने अपना अगुवा साथी खो दिया है, जिसे कभी भरा नही जा सकता. फादर सुशील लकड़ा प्रोवेनशियल ने शोक संदेश जारी कर कहा है कि 76 वर्षीय फादर सावरिमुथु एसजे का सुबह 08.45 बजे, कुलथलाई, त्रिची, तमिलनाडु, में निधन हो गया. फादर सावरिमुथू 19 जून 2019 को इलाज के लिए सेंट थॉमस अस्पताल चेन्नई गये थे. अस्पताल में लगभग दो सप्ताह बिताने के बाद, उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ घर जाने का फैसला किया और अपने रिश्तेदार की शादी में शिरकात र्की. फिर वह अपनी बहन के साथ त्रिची कुलिथलाई गये. आज सुबह उन्हें बेचैनी महसूस हुई और सुबह 08.45 बजे उनका निधन हो गया.
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