
NewDelhi : जब दिल्ली जल रही थी गृह मंत्री कहां थे? दिल्ली में हिंसा को लेकर शिवसेना ने मुखपत्र सामना में यह सवाल पूछा है. शिवसेना ने एक नहीं, सात सवाल पूछे हैं. शिवसेना दिल्ली हिंसा को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है. दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती रही है. खबर है कि अब तक 39 लोग मारे जा चुके हैं. 200 से ज़्यादा घायल हैं. वैसे हालात पहले से बेहतर हैं लेकिन तनाव बरकारार है. क्राइम ब्रांच की दो टीमें हिंसा की जांच करेगी.
एक टीम की कमान डीसीपी जॉय तिर्की और दूसरे का जिम्मा डीसीपी राजेश देव को सौंपा गया है. दिल्ली पुलिस 48 FIR दर्ज कर चुकी हैं, एक हजार CCTV फुटेज की जांच की जा चुकी है. गृह मंत्रालय ने आज दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में धारा 144 में 10 घंटे की छूट देने की बात की है. गृहमंत्री अमित शाह ने लोगों से शांति की अपील की है और कहा है कि अफ़वाहों पर भरोसा न करें.

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शिवसेना के सवाल
1.जब दिल्ली जल रही थी गृह मंत्री कहां थे? दंगों के समय आधा मंत्रिमंडल अहमदाबाद में था.
2.राष्ट्रपति ट्रंप को नमस्ते, नमस्ते साहेब कर रहे थे. तीन दिन बाद पीएम मोदी ने शांति रखने का आह्वान किया.
3.चार दिन बाद NSA अजीत डोभाल लोगों के बीच गये. इससे क्या होगा? जो नुकसान होना था पहले ही हो चुका.
4.देश को मजबूत गृह मंत्री मिला है लेकिन वे दिखे नहीं. विपक्ष सवाल उठायेगा तो क्या उन्हें देशद्रोही ठहराया जायेगा?
5.24 घंटे में जस्टिस मुरलीधर के तबादले का आदेश निकल गया. सरकार ने न्यायालय द्वारा व्यक्त सत्य को मार दिया.
6.शाहीन बाग़ का मामला भी सरकार खत्म नहीं कर सकी. भड़काऊ भाषण ही राजनीति में निवेश बन गये हैं.
7.अर्थव्यवस्था धाराशायी लेकिन भड़काऊ भाषण का बाजार गरम
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