
Bhopal: मध्य प्रदेश में चल रहे सियासी उठापटक के बीच राज्यपाल लालजी टंडन ने एक बार फिर सीएम कमलनाथ को 17 मार्च को बहुमत साबित करने को कहा है.
मंगलवार को बहुमत साबित करने की बात के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ का काफिला राजभवन पहुंचा. यहां उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात की. मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा कि हमारे पास बहुमत है फिर मुझे फ्लोर टेस्ट क्यों करना?
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फ्लोर टेस्ट की मांग पर SC में सुनवाई
वहीं दूसरी ओर बीजेपी की फ्लोर टेस्ट की मांग पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. बीजेपी ने मप्र की कमलनाथ सरकार को राज्य विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने का निर्देश देने के लिये याचिका दी थी.
भाजपा ने अपनी याचिका में कहा है कि कमलनाथ सरकार के पास सत्ता में बने रहने का ‘कोई नैतिक, कानूनी, लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार’ नहीं रह गया है.
याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री अपनी अल्पमत सरकार को बहुमत में तब्दील करने के लिये विधायकों को धमकी देने और प्रलोभन देने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं. खरीद फरोख्त के प्रयास चरम पर हैं. इसलिए जरूरी है कि राज्यपाल के निर्देशानुसार 16 मार्च को ही सदन मे शक्ति परीक्षण कराया जाये.
याचिका में कहा गया है कि शक्ति परीक्षण स्थगित करने से खरीद फरोख्त को बढ़ावा मिलेगा और यह राज्यपाल के निर्देशों और शीर्ष अदालत द्वारा प्रतिपादित व्यवस्था का उल्लंघन होगा.
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कुल नौ बीजेपी विधायक याचिकाकर्ता
शिवराज सिंह चौहान के अलावा गोपाल भार्गव तथा नरोत्तम मिश्रा सहित भाजपा के नौ विधायक इस मामले में याचिकाकर्ता हैं. इस याचिका में राज्य विधानसभा के अध्यक्ष और कमलनाथ को पक्षकार बनाया गया है.
वहीं इस याचिका पर न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ मंगलवार को सुनवाई करेगी.




