
New Delhi: कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने जयसवाल निक्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड ग्रुप की 101 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली है. धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत ईडी ने निक्को ग्रुप पर कार्रवाई की है. ईडी ने संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुक्रवार को की. मामले की जांच जारी है.
रायपुर की कंपनी है जयसवाल निको इंडस्ट्रीज लिमिटेड
ईडी से मिली जानकारी के मुताबिक, जयसवाल निको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रायपुर और उसके निदेशकों के खिलाफ सीबीआई ने मामला दर्ज किया था. इसके आधार पर ही प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत मामले की जांच शुरू की. सीबीआई ने जायसवाल निको इंडस्ट्रीज लिमिटेड के खिलाफ विशेष न्यायाधीश, पटियाला हाउस, नई दिल्ली में आईपीसी की धारा 420 और 406 के साथ-साथ धारा 120 बी के तहत इसके निदेशकों के खिलाफ चार्ज शीट दायर की है.
पाल्मा कोल ब्लॉक से 3.8 मिलियन टन कोयला निकासी का आरोप
सीबीआई में दर्ज मामले के तहत रायगढ़ के गारे पाल्मा-सब ब्लॉक IV/ 4 कोयला ब्लॉक, जायसवाल निको इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा धोखाधड़ी और गलत तरीके से प्राप्त किया था. कंपनी ने अपने कैप्टिव पावर प्लांट में बिना किसी अनुमति के कोयला खनन के अवैध उपयोग का सहारा लिया था. प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के दौरान यह पाया कि कंपनी ने साल 2006 से 2015 के बीच गारे पाल्मा-सब ब्लॉक IV / 4, कोयला क्षेत्र से 3.8 मिलियन टन कोयला निकाला था.
इसे भी पढ़ें-दिन भर गांजा पी कर जहां-तहां रात गुजारते हैं रविन्द्र पांडे- ढुल्लू महतो
अब तक निको ग्रुप की करीब 307 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
कंपनी ने अपने संयंत्र में स्टील एंड पावर के उत्पादन के लिए गारे पाल्मा IV/4 कोयला ब्लॉक का उपयोग किया था. कंपनी द्वारा इस दौरान भारी मात्रा में शेयर जारी कर लगभग 1400 करोड़ रुपये की राशि जमा की गई. इन पैसों का उपयोग कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता और अचल संपत्तियों का विस्तार करने में किया गया. इस तरह 101 करोड़ रुपये का लाभ अनुसूची अपराध से संबंधित गतिविधि के परिणामस्वरूप प्राप्त हुए. मिली जानकारी के मुताबिक, कोल स्कैम के मामले में ईडी ने अब तक निको ग्रुप की करीब 307 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है.
न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं




