
Ranchi: दुमका स्थित मसानजोर डैम का पूरा कंट्रोल झारखंड को देने को लेकर सांसद निशिकांत दुबे की जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई. मामले में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने बंगाल सरकार को नोटिस जारी करते हुए केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. मामले पर अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी.
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता दिवाकर उपाध्याय ने पैरवी की. उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि मसानजोर डैम के लिए झारखंड के लोगों की जमीन ली गई लेकिन इसके पानी का उपयोग बंगाल सरकार द्वारा सिंचाई एवं बिजली उत्पादन के लिए किया जा रहा है. मसानजोर डैम झारखंड में होने के बावजूद भी यहां के दुमका एवं आसपास के इलाकों में न तो लोगों को सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है न ही बिजली. बंगाल सरकार द्वारा मसानजोर डैम से 2 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी किया जा रहा है. झारखंड के लोगों की विस्थापित कर यह डैम बना है इसलिए इसका सारा कंट्रोल झारखंड को सौंपा जाए. वर्ष 1978 में एक एग्रीमेंट हुआ था जिसके तहत मसानजोर डैम से एकीकृत बिहार( अब झारखंड) के दुमका आदि जिलो में सिंचाई के लिए पानी दिया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. मामले में केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने पैरवी की.




