
- दिया जायेगा बेस्ट शिक्षक का अवार्ड, एमबीबीएस के छात्र करेंगे वोटिंग
Ranchi : राज्य के सबसे बड़े अस्तपाल और मेडिकल कॉलेज में अब निजी प्रैक्टिस करनेवाले डॉक्टर भी एमबीबीएस छात्रों की क्लास ले सकेंगे. रिम्स प्रबंधन इसको लेकर प्रस्ताव तैयार कर रहा है. रिम्स में अब तक वैसे ही डॉक्टर पढ़ाते हैं, जो रिम्स में प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति हों. रिम्स में प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, एचओडी और ट्यूटर जैसे पदों पर नियुक्ति होती है. यही लोग क्लास भी लेते हैं.
अब निजी प्रैक्टिस करनेवाले डॉक्टरों को क्लास लेने की अनुमति मिलने पर छात्रों को बहुत अनुभवी और अपने क्षेत्र में बेहतर करनेवाले डॉक्टरों से भी सीखने का मौका मिल सकेगा. राजधानी में ही कई ऐसे डॉक्टर हैं जो रिम्स में कार्रत नहीं हैं पर उनकी गितनी राज्य के बेहतरीन डॉक्टरों में होती है. इन्हें क्लास लेने के बदले में प्रति क्लास के आधार पर पैसे दिये जायेंगे.
कोरोना काल में निजी प्रैक्टिस करनेवाले डॉक्टरों से सहयोग की बात कही गयी थी. स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की कमी के कारण निजी प्रैक्टिस करनेवाले डॉक्टरों से अपील की थी कि वे मरीजों का लोड बढ़ने पर सरकारी अस्पतालों में सेवा देंगे. पर, सरकार इस दिशा में पहल नहीं कर पायी.
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दिया जायेगा बेस्ट टीचर का अवार्ड, स्टूडेंट्स करेंगे वोटिंग
रिम्स में एमबीबीएस की पढ़ाई को बेहतर करने के लिए एक और पहल की जा रही है. बाहरी डॉक्टरों से पढ़ाने के अलावा बेहतर ढंग से पढ़ानेवाले चिकित्सकों को बेस्ट टीचर का अवार्ड दिया जायेगा. इसके लिए छात्रों से ही वोटिंग करायी जायेगी. इसके पीछे प्रबंधन का तर्क है कि इससे पढ़ाई तो बेहतर होगी ही, प्रोफेसरों का प्रोत्साहन भी होगा.
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