
Dhanbad: बीसीसीएल सिजुआ क्षेत्र की मुनीडीह कोलियरी जल्द बंद हो सकती है. दरअसल, एसडीएल से तीन शिफ्ट में मात्र 80 टन कोयला का ही उत्पादन होता है.
जबकि इस कोलियरी का मैन पावर 570 है. कम उत्पादन के कारण प्रत्येक माह कंपनी को मुनीडीह कोलियरी से करोड़ों रूपये का आर्थिक बोझ बिना काम किये देना पड़ता है.
सूत्रों की मानें तो कोलियरी बंद करने की दिशा में महाप्रबंधक ए दिवेदी ने कागजी प्रक्रिया भी आरंभ कर दी. जिसे जल्द ही अमलीजामा पहनाया जा सकता है.
सूत्र बताते है कि मुनीडीह कोलियरी में 570 कर्मियों का कुल भुगतान करीब 2 करोड़ 53 लाख बैंक खाते में जाता है. 25% ग्रोस सहित कुल 3 करोड़ जाता है. साथ ही पीएफ 12% और पेंशन 7% कटता हैं.
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सूत्रों की मानें, तो बंद सोमिया माइंस के स्थान पर संभावित हिल टॉप आउटसोर्सिंग कंपनी जल्द ही कोयला निकासी का कार्य शुरू कराने की दिशा में पहल कर रही है.
जिसको लेकर पहले ही आठ बंगला व आसपास के श्रमिक कॉलोनी व वैध-अवैध रूप से रह रहे लोगों को शिफ्ट करने की दिशा में प्रबंधन युद्ध स्तर से लगा हुआ है.
एक प्रोजेक्ट का अप्रूवल एक साल पूर्व हुआ. जबकि कंपनी को अपनी जमीन पर काम करना है, जिससे पता चलता है की प्रबंधकीय व्यवस्था पूरी तरह फैल है.
6/10 व 22/12 माइंस में काम कर रहे 105 मजदूरों को भड़रिचक व तेतुलमारी में शिफ्ट करने की दिशा में प्रयास जारी है. इस संबंध में सिजुआ क्षेत्र के प्रबन्धक जी एम आशुतोष दिवेदी ने कहा कि ऊपर से आदेश है कि घाटे में चल रही भूमिगत खदानों को बंद करना है. उन्होंने कहा कि जल्द ही चंदौर पैच भी अस्तित्व में आ सकता है.
मुनीडीह कोलियरी का एक मात्र 1/2 पिट बंद होने से डीनोबली कॉलोनी, 22/12, व 6/10, सिजुआ,जोगता,श्याम बाजार,पुराना श्याम बाजार,भदरिचक, जोगता फायर एरिया,ताल तल्ला,सिजुआ स्टेडियम,कतरास क्लब,सिजुआ गेस्ट हाउस,मोदीदीह सिजुआ मोड़,श्रमिक कल्याण सहित अन्य इलाकों के लाखों लोगों के बीच पानी,बिजली सहित अन्य सुविधाएं भी जल्द ही समाप्त होने का खतरा है.
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