
Dhanbad: डीजीएमएस के 122वें स्थापना दिवस के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) के महानिदेशक प्रभात कुमार ने कहा कि धनबाद-चन्द्रपुरा रेल लाइन कभी भी बंद किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अभी सिम्फ़र से जांच करवाया जा रहा है. रेल लाइन पर आग का खतरा लगातार बढ़ रहा है जो चिन्ता का विषय है. समय समय पर रेलवे के पदाधिकारियों को इसकी जानकारी दी जा रही है.
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यहां बता दें कि डीजीएमएस की रिपोर्ट पर पीएमओ ने 15 जून 2017 को धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया था. भूमिगत आग के कारण सरकार ने यह निर्णय लिया था. जिससे एक ही झटके में 26 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन बंद हो गया था. 20 माह के आंदोलन के बाद 24 फरवरी 2019 को धनबाद-चंद्रपुरा रेल लाइन पर फिर से ट्रेनों का परिचालन चालू किया गया. जिसपे एक बार फिर से ग्रहण लगता दिखाई दे रहा है.
डीजीएमएस का 122वां स्थापना दिवस मनाया गया
आज से ठीक 122 वर्ष पूर्व आज ही के दिन ब्रिटिश काल के समय 1902 में खान निरीक्षण ब्यूरो की स्थापना की गई थी जिसका मुख्यालय कोलकाता में था. खान निरीक्षण ब्यूरो का ही बदला रूप डीजीएमएस धनबाद में है. स्थापना दिवस को लेकर डीजीएमएस मुख्यालय धनबाद में शनिवार को कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता डीजी प्रभात कुमार ने की. मुख्य कार्यक्रम डीजीएमएस के सभागार में हुआ. जिसमें बोकारो स्टील प्लांट के निर्देशक अमरेन्दु प्रकाश मुख्य अतिथी के तौर पर मौजूद थे.
कार्यक्रम के दौरान बीएसएल के डायरेक्टर अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि आज डीजीएमएस के 122 साल का गौरवपूर्ण इतिहास को डीजीएमएस के साथ मिलकर मनाना मेरे लिए काफी खुशी की बात है. उन्होंने कहा कि स्टील प्लांट अब स्टील प्लांट नहीं, बल्कि झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस भी है. हमलोग खदान भी चलाएंगे और स्टील प्लांट जो 5 मिलियन टन का प्लान है, उसे 12 मिलियन टन का प्लांट बनाने की योजना पर काम कर रहे है. जिसे आने वाले 7 सालों में कर लिया जाएगा. इसी योजना के तहत हमारी कोल माइंस भी आगे बढ़ रहा है.




