
Ranchi: राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स में व्यवस्था एकबार फिर बेपटरी होती दिख रही है. हॉस्पिटल की मेन बिल्डिंग में लगी लगभग सभी सिफ्ट आउट आफ सर्विस हो चुके हैं. केवल एक लिफ्ट जो काम कर रहा है उसकी भी हालत कुछ ज्यादा अच्छी नहीं है. ऐसे में मरीजों के साथ कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. लिफ्ट के खराब होने की वजह से मरीजों को वार्ड में लाने ले-जाने में जो परेशानी हो रही है सो अलग. इसके बावजूद रिम्स प्रबंधन को मरीजों की परेशानी दिखाई नहीं दे रही है. बताते चलें कि लाखों रुपए खर्च कर सभी लिफ्ट को दुरुस्त कराया गया था.
7 लिफ्ट में से 6 पड़े हैं बंद
हॉस्पिटल की मेन बिल्डिंग में मरीजों की सुविधा के लिए 11 लिफ्ट लगाए गए थे. जिससे कि मरीजों को कोई परेशानी न हो. साथ ही उन्हें वार्डों में जाने के लिए इंतजार न करना पड़े. आज स्थिति यह हो गई है कि इनडोर एरिया में 7 लिफ्ट में से 6 लिफ्ट खराब पड़े हैं. वहीं 5 नंबर लिफ्ट केवल मरीजों के लिए हैं. इसके अलावा आफिस एरिया में लगे 4 लिफ्ट ठीक से चल रहे हैं. जिसका इस्तेमाल केवल अधिकारी करते हैं, जबकि लिफ्ट के मेंटेनेंस के लिए हर साल लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं.
रैंप के सहारे लगा रहे वार्ड की दौड़
हॉसिपटल में मरीजों को ले जाने के लिए लिफ्ट लगाए गए है. इसके अलावा रैंप की भी व्यवस्था है, लेकिन लिफ्ट के खराब होने की वजह से लोगों को रैंप के सहारे मरीज लेकर दौड़ लगानी पड़ रही है. जिससे कि परिजन हांफ रहे हैं. वहीं बेवजह दूरी तय करनी पड़ रही है.
हर दिन अधिकारी लगा रहे राउंड
मेडिकल सुपरिटेंडेंट से लेकर डिप्टी सुपरिटेंडेंट हर दिन अलग-अलग टाइम पर हॉस्पिटल का राउंड लगा रहे है. वार्डों में जाकर वहां डॉक्टरों और स्टाफ की अटेंडेंस चेक कर रहे हैं. लेकिन लिफ्ट पर किसी का ध्यान नहीं है. जबकि लिफ्ट का इंस्टालेशन करने वाली एजेंसी को ही उसके मेंटेनेंस की जिम्मेवारी दी जाती है.
1500 मरीज रहते हैं एडमिट
हॉस्पिटल में मरीजों के आने का सिलसिला लगा रहता है. इमरजेंसी में हर दिन 400 से अधिक मरीज इलाज को आते है. ऐसे में हॉस्पिटल में हमेशा ही 1500 मरीज एडमिट रहते हैं. जिससे साफ है कि मरीजों की संख्या में कोई कमी नहीं होती, लेकिन प्रबंधन मरीजों को बेहतर व्यवस्था देने में फेल साबित हो रहा है.
लिफ्ट के खराब होने की सूचना मिली है. इसके लिए एजेंसी को काम दिया गया था. लिफ्टा काम क्यों नहीं कर रही है इसका पता लगाया जाएगा. अब हमलोग नई व्यवस्था की तैयारी में हैं. जल्द ही नई एजेंसी को ढूंढा जाएगा जो एग्रीमेंट के तहत संचालन और मेंटेनेंस करेगी.




