
Purulia : आने वाले 21 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस के शहीद दिवस को सफल बनाने के लक्ष्य को लेकर पुरुलिया जिले में एक ही दिन दो स्थानों पर सभा का आयोजन किया गया. संकल्प लिया गया कि शहीद दिवस के दिन से ही ‘ईवीएम नहीं बैलट लौटाया जाय’ आंदोलन चलाया जायेगा.
पुरुलिया शहर के टैक्सी स्टैंड पर जिला तृणमूल कांग्रेस द्वारा एक सभा का आयोजन किया गया जहां मंत्री शुभेंदु अधिकारी, मंत्री मलय घटक, मंत्री शांति राम महतो, मंत्री संध्या रानी टुडू, जिला सभाधिपति सुजय बनर्जी के साथ-साथ जिले के अधिकांश विधायक तथा वरिष्ठ नेता उपस्थित हुए.
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‘हमने माओवादियो को खतरे में डाला’
अपने भाषण के दौरान मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, तृणमूल कांग्रेस का शासन जब से पश्चिम बंगाल में आया है, राज्य में शांति है. हम लोगों ने जंगलमहल से माओवादियों को खतरे में डाला है. यहां अमन और शांति है पर इन दिनों केंद्र की भाजपा सरकार फिर से बंगाल को अशांत करना चाह रही है. जंगलमहल ही नहीं, राज्य के विभिन्न इलाकों में आज भाजपा आतंक मचाये हुए है. लोग भयभीत हो रहे हैं पर हम लोग इसका डटकर मुकाबला करेंगे और भाजपा जो सपना देख रही है वह सपना उनका साकार कभी नहीं होगा क्योंकि 2021 में पुन: राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार स्थापित होगी.
दूसरी सभा पुरुलिया जिले के काशीपुर शहर में हुई जहां 21 जुलाई के शहीद समावेश को सफल बनाने के लिए स्थानीय विधायक सपनदेव कोरिया के नेतृत्व में रैली निकाली गयी. काशीपुर चौक बाजार में सभा का आयोजन किया गया. जहां हजारों की तादाद में तृणमूल कार्यकर्ता उपस्थित हुए.
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13 कार्यकर्ता हुए थे शहीद
इन दोनों सभाओं में इस दिन सभी वक्ताओं ने कहा कि इस बार का 21 जुलाई की जनसभा अपने आप में महत्व रखता है. क्योंकि इस बार हमलोग ने 21 जुलाई के दिन से ही पूरे देश में ईवीएम नहीं बैलट लौटाया जाए का आंदोलन आरंभ करेंगे. एक समय था जब वोटर पहचान पत्र नहीं होने के कारण वामपंथी सरकार अवैध रूप से मतदान कराते थे. उस समय तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आंदोलन किया था- नो आइडेंटी नो वोट.
आंदोलन के तहत 13 कार्यकर्ता वामपंथियों की गोली के शिकार हुए थे. बाद में भारत सरकार ने ममता बनर्जी के आंदोलन को देखते हुए तथा उनके मांगों को सही मानते हुए नो आइडेंटी नो वोट को समर्थन किया और पूरे देश में वोटर पहचान पत्र लागू हो गया. इस बार भी हम लोग जो आंदोलन 21 जुलाई से आरंभ करेंगे उसमें भी हम लोगों को सफलता मिलेगी तथा जनता अपना मतदान निष्पक्ष रूप से दे पायेगी.
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