National

तीनों सेना प्रमुखों के साथ रक्षा मंत्री की बैठक कल, पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत

NewDelhi : पुलवामा आतंकी हमले को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, थल सेना, वायु सेना और नौसेना के प्रमुख की 25 फरवरी, सोमवार को भारतीय दूतावास के अधिकारियों के साथ बैठक हो रही है. बैठक दो दिन चलेगी. बैठक में हमले में शामिल आतंकवादियों को पाकिस्तानी समर्थन को लेकर चर्चा होगी. दो दिवसीय इस बैठक में आतंकवाद के मोर्चे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने पर चर्चा होने की संभावना है. सरकारी सूत्रों के अनुसार बैठक में मौजूद अधिकारियों को पुलवामा हमले में पाकिस्तान की भूमिका को बेनकाब करने को लेकर कहा जायेगा. बता दें कि पुलवामा हमले को लेकर भारत पहले ही विश्व शक्तियों को एकसाथ ला चुका है. पीएम मोदी हमलावरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने के संकेत दे चुके हैं. जानकारी के अनुसार बैठक में अमेरिका, रूस और अन्य मित्र देशों सहित दुनिया के सभी महत्वपूर्ण देशों के साथ संबंधों पर विस्तृत चर्चा की जायेगी. विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि सैन्य संबंधों पर अपने विचार रखने के लिए बैठक में शामिल होंगे. बैठक में विभिन्न देशों में तैनात 44 डिफेंस अटैची भी शिरकत करेंगे.

रक्षा मंत्री, तीनों प्रमुख तैयारियों की जानकारी  प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और वित्त मंत्री से साझा करेंगे

बैठक के बाद रक्षा मंत्री और तीनों प्रमुख अपनी तैयारियों की जानकारी प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और वित्त मंत्री से साझा करेंगे.  बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुले तौर से भारत के समर्थन में आ चुके हैं. ट्रंप ने पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर कायराना हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव को बेहद खतरनाक करार दिया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है इस मामले में भारत कुछ बड़ा करने की सोच रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उसने अमेरिकी मदद का गलत फायदा उठाया है. ट्रंप ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 1.3 बिलियन डॉलर की मदद तत्काल प्रभाव से रोक दी है.

सुरक्षा परिषद के सदस्य देश पुलवामा आतंकी हमले की निंदा कर चुके हैं

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सदस्य देश भी पुलवामा आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा कर चुके हैं. पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले को सदस्य देशों ने घृणित और कायराना हरकत करार दिया है. 14 फरवरी को हुए इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे. पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली. भारत के प्रस्ताव पर UNSC के P5 देशों (स्थाई सदस्यों) और 10 अस्थाई सदस्यों ने इस हमले की निंदा की, इनमें चीन भी शामिल है. इस हमले के बाद से भारत पाकिस्तान पर राजनयिक, राजनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर प्रहार कर रहा है. भारत पाकिस्तान को दुनिया से अगल-थलग करने की लगातार कोशिश कर रहा है. वह हमले के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा भी छीन लिया.

इसके अलावा पाकिस्तान से आने वाले सामानों पर इंपोर्ट ड्यूटी को 200 फीसदी तक बढ़ा दिया. अमेरिका के न्यूजर्सी और न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के लोगों ने पुलवामा आतंकी हमले के खिलाफ प्रदर्शन करते हु विश्व समुदाय से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

इसे भी पढ़ें – प्‍लेन को हाईजैक करने की धमकी, देश भर के एयरपोर्ट की सुरक्षा कड़ी

Related Articles

Back to top button