रांचीः बाबा रामदेव ने कहा है कि भ्रष्टाचार ने झारखंड जैसे समृद्ध राज्य को दरिद्र बना दिया. यहां संसाधन की कमी नहीं है. केंद्र सरकार ने औने-पौने दाम में कोयला बेच दिया. जल, जंगल और जमीन वाली इस धरती पर आज भी वनवासी अधिकार को लेकर लड़ रहे हैं. भगवान बिरसा मुंडा के समय से राज्य में जमीन बचाने का संघर्ष चल रहा है.
रामदेव मंगलवार को रांची क्लब परिसर में पत्रकारों से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा : झारखंड में करीब 300 लाख करोड़ के कोयले का भंडार है. यह अमेरिका की जीडीपी का आधा है. फिर भी भ्रष्टाचार के कारण यहां के लोगों की हालत खराब है. यही कारण है कि इस राज्य का एक मुख्यमंत्री अभी भी जेल में है.
उन्होंने कहा, आजादी के 65 साल बाद भी हम भाषा की गुलामी से नहीं उबर पाये हैं. चीन, जापान, रूस आदि देशों में अपनी-अपनी भाषा में उच्च शिक्षा हो रही है. यहां हम अंगरेजी भाषा के गुलाम बने हुए हैं. जहांगीर ने एक ईस्ट इंडिया कंपनी को यहां कारोबार करने का मौका दिया. इसके कारण हम 200 साल तक गुलाम रहे. अभी तो करीब 5000 विदेशी कंपनियां यहां कारोबार कर रही हैं. अब तो रिटेल कारोबार में भी विदेशी कंपनियों को लाया जा रहा है.
रामदेव ने कहा, आचार्य बालकृष्ण को देश की विभिन्न एजेंसियां इसीलिए परेशान कर रही हैं, क्योंकि वह हमारे साथ हैं. उन्हें बदनाम किया जा रहा है. हर कोशिश हो रही है कि उनको किसी तरह फंसाया जाये. हम गलत नहीं हैं. इस कारण हम सरकार से लड़ाई कर रहे हैं. सरकार के एक-एक सवाल का जवाब हम देंगे.
बाबा रामदेव ने भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. बैठक में उन्होंने कहा कि हर गांव से पांच-पांच लोगों को दिल्ली आना चाहिए. ट्रस्ट की ओर से लोकपाल बिल पास करो और काला धन वापस लाओ के मुद्दे पर दिल्ली में नौ अगस्त से अनिश्चतकालीन आंदोलन चलेगा. इसमें देश के सभी राज्यों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे.
देश भर से 10 लाख से अधिक कार्यकर्ता नौ अगस्त को दिल्ली में होंगे. इसके अतिरिक्त लाखों कार्यकर्ता हर दिन वहां आयेंगे. सरकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस नीति बनाने के लिए मजबूर किया जायेगा.




