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सवा 3 करोड़ लोगों की समस्याओं और चुनौतियों का अंत करना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

  • बोकारो के चास स्थित उलगोरा पंचायत में रोटरी द्वारा संचालित ‘आशा की किरण” प्ले स्कूल में क्लब पहुंचे हेमंत, मुख्यमंत्री को मिली क्लब की मानक सदस्यता

Ranchi : सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य की सवा तीन करोड़ आबादी खासकर सुदूरवर्ती क्षेत्रों के लोगों को सरकार की पहली प्राथमिकता बताया है. उन्होंने कहा है कि ये लोग कई समस्याओं और चुनौतियों के साथ ग्रामीण जीवन यापन कर रहे हैं. इनके विकास के लिए सरकार प्राथमिकता के आधार पर काम कर रही है.

बोकारो के चास स्थित उलगोरा पंचायत में रोटरी द्वारा संचालित ‘आशा की किरण” प्ले स्कूल में क्लब द्वारा संचालित कार्यक्रमो और गतिविधियों के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने यह बात कहीं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में लोगों को बेहतर जीवन के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है.

इस दौरान मुख्यमंत्री ने छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल बैग, रोटरी क्लब द्वारा संचालित सिलाई और कशीदा प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले चुकी युवतियों को सर्टिफिकेट प्रदान भी किया. वहीं क्लब ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को क्लब की मानद सदस्यता प्रदान की .

संक्रमण के दौर में कई बदलाव देखने को मिले

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक साल में कोरोना महामारी की वजह से व्यवस्थाओं में कई बदलाव देखने को मिले. लोगों की सोच और विचार में कई बदलाव आये. इन सभी बातों से हम सभी अवगत हैं. इन सबके बीच व्यवस्था को पटरी पर लाने और सामान्य जीवन लाने की दिशा में सरकार काफी प्रभावी ढंग से काम कर रही है.

इस दौरान हेमंत सोरेन ने क्लब की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि ग्रामीण और सुदूरवर्ती इलाकों में कई संस्थाएं विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है. इसी सिलसिले में रोटरी क्लब द्वारा इस इलाके में बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने और शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण आदि के क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए क्लब के सदस्यों को बधाई और शुभकामनाएं दी.

क्लब द्वारा संचालित गतिविधियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया

रोटरी क्लब के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को क्लब के द्वारा संचालित गतिविधियों, कार्यक्रमों और कार्यों से अवगत कराया. उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि ग्रामीण इलाके में शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और स्वास्थ्य आदि के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने का अभियान चलाया जाता है. इसमें गांववालों का भी सहयोग लिया जाता है. यहां निशुल्क बच्चों को चित्रकला और महिलाओं को सिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

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