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Incident Commander के काम में नियुक्त नहीं होंगे नगर निगम के इंजीनियर और सुपरवाइजर: मेयर आशा लकड़ा

Ranchi  : राज्य से बाहर आने वाले प्रवासी मजदूरों के देखरेख के लिए अब रांची नगर निगम के इंजीनियर और सुपरवाइजर नियुक्त नहीं होंगे. मेयर आशा लकड़ा ने इस बाबत नगर आयुक्त मनोज कुमार को कहा है. रांची जिला प्रशासन ने इन इंजीनियरों और सुपरवाइजरों को Incident Commander के रूप नियुक्त किया था.

अपने एक दूसरे बयान में मेयर ने हिंदपीढ़ी क्षेत्र के कई इलाकों को कंटेनमेंट जोन से मुक्त करने के जिला प्रशासन के निर्णय पर भी चिंता व्यक्त की है. मेयर ने कहा कि जिला प्रशासन ने अभी तक यह जानकारी नहीं दी है कि क्षेत्र में कुल कितने लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी. बिना किसी जानकारी के कंटेनमेंट मुक्त किया जाना यह समझ से परे हैं.

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निगम के कामों में ही अधिकारियों की है कमी

मेयर ने कहा कि कोविड-19 के कारण रांची नगर निगम के पास कर्मचारियों का अभाव है. पहले ही कोरोना के कारण शहर को सैनिटाइज और साफ-सफाई के काम में दिक्कते आ रही हैं. जल्द ही मानसून की बारिश शुरू होगी. सभी नालियों की साफ-सफाई, सेनिटाइज की जानी है.

कोविड-19 के कारण लंबित सड़क- नाली एवं अन्य निर्माण कार्यों को भी शुरू होना है. इन सभी कार्यों में इंजीनियर, सुपरवाइजरों सहित अन्य अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है. ऐसे में निगम के कर्मचारियों को Incident Commander के रूप में प्रतिनियुक्त करना उचित नहीं है.

सरकार मान चुकी है कि रांची में खत्म हो चुके हैं कोरोना संदिग्ध मरीज

आशा लकड़ा के मुताबिक सरकार मान चूकी है कि रांची में कोरोना से संक्रमित संदिग्ध मरीजों की संख्या लगभग खत्म हो गयी है. यही कारण है कि रांची को रेड जोन से ऑरेंज जोन तक पहुंचा दिया गया. मेयर ने कहा कि पूर्व में हिंदपीढ़ी क्षेत्र से जुडे़ तीन वार्डों में 8000 घरों की स्क्रीनिंग करने के लिए मेडिकल टीम प्रतिनियुक्त किया था.

अब सवाल बनता है कि क्या जिला प्रशासन के अधिकारी इस टीम की कार्यशैली से संतुष्ट हो गये है. जिसके कारण उन्होंने संबंधित क्षेत्रों को कंटेनमेट जोन से बाहर निकालने का आदेश दिया. जिला प्रशासन को यह बताना चाहिए कि क्या आने वाले दिनो में हिंदपीढ़ी क्षेत्र से एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं पाए जाएंगे.

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पत्र पर नहीं किया गया विचार

मेयर ने कहा कि उन्होंने कई बार पत्र लिखकर हिंदपीढ़ी क्षेत्र को 31 मई से पहले कंटेनमेंट जोन से बाहर नहीं करने की बात की थी. लेकिन इसपर विचार तक नहीं किया. मेयर ने कहा कि हिंदपीढ़ी से संबंधित क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन से मुक्त करने की घोषणा से पहले जिला प्रशासन के मेडिकल टीम की स्क्रीनिंग रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए थी.

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