
NewDelhi: एक ओर पीएम मोदी ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा की नीति पर चलने की बात करते हैं. दूसरी तरफ उनके मंत्री पीयूष गोयल के निवेश के मामलों पर चुप हैं. ये सवाल कांग्रेस ने उठाये हैं. दरअसल कांग्रेस ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को तुरंत बर्खास्त करने की मांग करते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि उनके परिवार के कारोबारी हित डिफॉल्टर कंपनियों में रहे हैं. पार्टी ने इस मामले में हितों के टकराव के किसी पहलू की न्यायिक जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश से करवाने की मांग की है.
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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईमानदारी की बात तो करते हैं लेकिन गोयल के परिवार के निवेश मामलों पर चुप है. खेड़ा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने सार्वजनिक पद पर होने के बावजूद इसका खुलासा नहीं किया है.
‘जय शाह मॉडल’ जैसा मामला
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि गोयल की पत्नी की एक कंपनी है जिसकी शुरुआत एक लाख रुपये की राशि से हुई और जिसने दस साल में ही 30,000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है. खेड़ा के अनुसार यह निवेश के ‘जय शाह मॉडल’ तरह का ही मामला है जिसमें एक कंपनी का कारोबार मोदी सरकार के कार्यकाल में कई गुणा बढता है. पवन खेड़ा ने सवाल उठाये कि आखिर कंपनी के कुल 10,000 शेयरों में हर शेयर की कीमत 30,000 रुपए कैसे हो गई ? कांग्रेस नेता ने आरोप लगाते हुए संवाददाताओं से कहा कि सचाई यही है कि पीयूष गोयल के पद का दुरुपयोग हुआ है इसलिए वो केंद्रीय मंत्री बने रहने के पात्र नहीं हैं. उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए और उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से जांच का आदेश किया जाना चाहिए. कांग्रेस ने कहा, “इन आंकड़ों से तो यह अर्थव्यवस्था के हालिया इतिहास में सबसे ज्यादा लाभ अर्जित करने वाली कंपनी बन गई है.”
रेलमंत्री ने किया पद का दुरुपयोग !
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, “निजी फायदे के लिए निर्णय, हानिकारक सौदे, अनियमितताओं और बैंक कर्ज घोटालों का ढांचा प्रतिदिन ढहने लगा है.” खेड़ा ने कहा कि, पीयूष गोयल और सीमा गोयल इंटरकॉन एडवाइजर प्राइवेट लिमिटेड के स्वामी हैं. पीयूष ने 13 मई, 2014 को यानी मंत्री बनने से तुरंत पहले कंपनी में अपने पद से इस्तीफा देकर अपने शेयर अपनी पत्नी के नाम ट्रांसफर कर दिए थे. उन्होंने कहा, “वर्तमान में सीमा गोयल के पास 9,999 शेयर हैं और बचा हुआ एक मात्र शेयर उनके बेटे ध्रुव गोयल के पास है. यह पूरी तरह से पारिवारिक स्वामित्व वाली पार्टी है.” खेड़ा ने कहा, “पीयूष गोयल और उनके परिवार ने साल 2007-08, 2008-09, 2014-15 और 2016-17 में अपनी कंपनी की पूरी आय के स्रोत का कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया.”
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खेडा ने इस बारे में 11 कंपनियों का ब्यौरा भी दिया जिसमें शिर्डी इंडस्ट्रीज शामिल है. इस कंपनी में गोयल व उनकी पत्नी निदेशक है. उल्लेखनीय है कि शिर्डी इंडस्ट्रीज से जुड़े आरोप सामने आने के बाद पिछले सप्ताह भाजपा की ओर से जारी बयान में गोयल ने कहा था कि इस मामले में उनकी तरफ से कुछ भी ‘गलत या अनियमित’ नहीं है.
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