
New Delhi: भारत में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थोड़ी थमती दिख रही है. वही रिकवरी रेट में भी सुधार हुआ है. देश में संक्रमण के एक्टिव केस घटकर 8 लाख से कम हो गये हैं. एक दिन में कोविड-19 के 62,212 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के मामले बढ़कर 74 लाख से अधिक हो गये हैं. वहीं बीते 24 घंटे में 837 लोगों की जान चली गयी है.
India reports a spike of 62,212 new #COVID19 cases & 837 deaths in the last 24 hours.
Total case tally stands at 74,32,681 including 7,95,087 active cases, 65,24,596 cured/discharged/migrated cases & 1,12,998 deaths: Ministry of Health and Family Welfare pic.twitter.com/mv0TpPRCey
— ANI (@ANI) October 17, 2020
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एक्टिव केस 8 लाख से कम
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, डेढ़ महीने में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों में तेजी से कमी आय़ी है. देश में 65 लाख से ज्यादा लोगों ने इस बीमारी को मात दी है. वहीं देश में एक दिन में कोविड-19 के 62,212 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 74,32,680 हो गए. इस दौरान 837 संक्रमितों की मृत्यु होने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,12,998 हो गयी. देश में कोविड-19 से पीड़ित 7,95,087 लोगों का इलाज चल रहा है जबकि अब तक 65,24,595 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं.
बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष संक्रमित
पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष शुक्रवार को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि घोष को हल्का बुखार था जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि घोष को 102 डिग्री बुखार है और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. उनका ऑक्सीजन का स्तर सामान्य है. चिंता की कोई बात नहीं है. बता दें कि पिछले दो दिनों से घोष की तबियत खराब थी जिसके बाद उन्होंने कोविड-19 की जांच कराई.
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सबरीमला मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला
इधर कोरोना वायरस महामारी के कारण छह महीने से अधिक समय तक बंद रहने के बाद प्रसिद्ध अयप्पा मंदिर को शनिवार सुबह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया. कुछ लोगों ने दर्शन भी किये जो मास्क पहने थे और कोविड-19 नहीं होने संबंधी जांच रिपोर्ट साथ में लिए हुए थे. मंदिर को मासिक पूजा के लिए शुक्रवार शाम को खोला गया था, लेकिन श्रद्धालुओं को शनिवार को मलयाली महीने ‘तुलम’ के पहले दिन से मंदिर में दर्शन की अनुमति दी गयी है.
श्रद्धालु 21 अक्टूबर तक मंदिर में पूजा-अर्चना कर सकेंगे. जिन श्रद्धालुओं के पास कोविड-19 की निगेटिव जांच रिपोर्ट नहीं है, उन्हें निलक्कल में रैपिड एंटीजन जांच करानी होगी.
बता दें कि देश में 25 मार्च को लॉकडाउन लगने के बाद से पहली बार मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी गयी है. मंदिर का प्रबंधन देखने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के सूत्रों ने बताया कि मंदिर को सुबह पांच बजे खोला गया. शनिवार को दर्शन के लिए डिजिटल प्रणाली के माध्यम से 246 लोगों ने बुकिंग कराई. हर दिन केवल 250 लोगों को मंदिर में दर्शन की अनुमति दी जाएगी.
दर्शन की अनुमति 10 से 60 वर्ष की आयु के उन लोगों को ही मिलेगी जिनके पास इस बात के चिकित्सा प्रमाणपत्र होंगे कि वे पवित्र पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक जाने के लिहाज से स्वस्थ हैं. महामारी के कारण श्रद्धालुओं को सन्निधानम, निलक्कल या पांबा में ठहरने की अनुमति नहीं है.
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