
- विभाग ने निकाला टेंडर, निगम सेवा विस्तार देने की राह पर
Ranchi : नगर विकास विभाग और रांची नगर निगम एक बार फिर आमने-सामने हैं. मामला इस बार रांची नगर निगम क्षेत्र में होल्डिंग और वाटर यूजर टैक्स वसूलने और ट्रेड लाइसेंस बनाने वाली कंपनी स्पैरो सॉफ्टेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से जुड़ा है.
दरअसल निगम क्षेत्र अंतर्गत जितने भी मकान हैं, उसका होल्डिंग और वाटर यूजर चार्ज वसूलने और राजधानी में अंतर्गत ट्रेड लाइसेंस बनाने का काम स्पेरो लिमिटेड कंपनी के ही जिम्मे है.
कंपनी को पूर्ववर्ती सरकार के दौरान विभाग ने आउटसोर्सिंग का काम दिया था. कंपनी के काम करने की सेवा अवधि 12 अगस्त 2020 को पूरा हो रही है. निगम एक बार फिर कंपनी को सेवा विस्तार देना चाह रहा है.
दूसरी ओर विभाग अंतर्गत स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी (सूडा) ने उपरोक्त कामों के लिए नयी कंपनी के चयन का फैसला किया है. इसके लिए कंपनी ने बकायदा एक टेंडर भी निकाला है.
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9 जून की निगम परिषद बैठक में लाया जाना है प्रस्ताव
रांची नगर निगम परिषद की बैठक आगामी 9 जून को बुलायी गयी है. मेयर आशा लकड़ा ने बैठक बुलाने के लिए नगर आयुक्त को आदेश जारी किया है. बैठक में कई प्रस्तावों पर चर्चा की जानी है.
इसमें सबसे प्रमुख प्रस्ताव स्पेरो सॉफ्टेक लिमिटेड के सेवा विस्तार से जुड़ा है. मेयर ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि कंपनी ने पत्र लिखकर सेवा विस्तार देने की मांग की है. निगम नियमों का हवाला देते हुए सेवा विस्तार देना चाह रही है.
सूडा ने नयी कंपनी के लिए निकाला है टेंडर
दूसरी ओर सूडा ने नयी कंपनी के लिए एक टेंडर भी 28 मई को जारी किया है. टेंडर में साफ निर्देशित है कि रांची और धनबाद नगर निगम क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स, वाटर यूजर चार्ज, ट्रेड लाइसेंस सहित विज्ञापन टैक्स के लिए नयी कंपनी या फर्म का चयन किया जाना है.
टेंडर शुरूआत करने की तारीख 29 मई से तय की गयी है. वहीं टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 16 जून है. सारी प्रक्रिया के बाद वित्तीय बिड जारी करने की घोषणा सूडा बाद में जारी करेगा.
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सूडा नहीं कर सकता है होल्डिंग टैक्स या वाटर यूजर चार्ज का काम : मेयर
पूरे मामले पर न्यूज विंग ने मेयर आशा लकड़ा से बात की. मेयर से पूछा गया है कि क्या इस मामले से साफ है कि सूडा और निगम के बीच सामंजस्य की कमी है.
इसपर मेयर ने कहा कि झाऱखंड नगरपालिका अधिनियम अंतर्गत निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए होल्डिंग टैक्स और वाटर यूजर चार्ज वसूलने का काम निगम ही कर सकता है. यह काम सूडा नहीं कर सकता है. सूडा द्वारा निकाले गये टेंडर के सवाल पर मेयर ने कहा कि इसपर उन्हें कुछ नहीं कहना है.
राज्य भर के लिए एजेंसी चयन सरकार की तरफ से किया जा रहा हैः सूडा निदेशक
मामले पर न्यूज विंग से बात करते हुए सूडा निदेशक शशिरंजन ने कहा कि टेंडर निकालने का निर्णय सूडा की तरफ से नहीं बल्कि सरकार की तरफ से लिया गया है.
टेंडर निकाले जाने में विभाग की अनुमति प्राप्त है. ऐसा नहीं कि पहले से काम करने वाली कंपनी को टरमिनेट किया जा रहा है. एजेंसी का कार्यकाल खत्म हो चुका है. इसलिए टेंडर किया जा रहा है.
राज्य में 51 यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) हैं. जिसमें दो के लिए एजेंसी का चयन सरकार नहीं करती थी. लेकिन अब सभी यूएलबी में एजेंसी का चयन सरकार की तरफ से किया जाना है.
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