
NewDelhi : सीजेआइ रंजन गोगोई ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज एसएन शुक्ला को पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की मांग की है. जस्टिस शुक्ला को पद से हटाने के लिए 18 महीने पहले प्रस्ताव लाने की सिफारिश की गयी थी. इन-हाउस पैनल ने अपनी जांच में जस्टिस शुक्ला को गंभीर न्यायिक अनियमितताओं का जिम्मेदार माना था. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने पीएम मोदी को लिखा है कि आपसे आग्रह है कि इस मामले में आप आगे कार्रवाई करे.
चीफ जस्टिस द्वारा अपने पत्र में संकेत दिया गया है कि न्यायपालिका में शीर्ष स्तर पर करप्शन रोकने के लिए जरूरी है कि भ्रष्ट लोगों को बाहर किया जाये. इससे पहले चीफ जस्टिस ने शुक्ला की ओर से न्यायिक कार्यों के आवंटन की मांग खारिज कर दी. पैनल की रिपोर्ट के बाद शुक्ला से 22 जनवरी, 2018 को न्यायिक कार्य वापस ले लिया गया था.
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जस्टिस शुक्ला पर गंभीर प्रकृति के आरोप पाये गये हैं
सीजेआई ने अपने पत्र में पीएम को लिखा है कि जस्टिस शुक्ला का पत्र मुझे 23 मई, 2019 को मिला, जो इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की ओर से फॉरवर्ड किया गया था. इस पत्र में शुक्ला ने न्यायिक कार्य करने देने की अनुमति मांगी थी. पत्र के अनुसार जस्टिस शुक्ला पर गंभीर प्रकृति के आरोप पाये गये हैं, उन्हें न्यायिक कार्य की अनुमति नहीं दी जा सकती है. पत्र में पीएम से आगे की कार्रवाई के लिए फैसला लेने काआग्रह किया गया है.
जान लें कि 2017 में यूपी के एडवोकेट जनरल राघवेंद्र सिंह द्वारा जस्टिस शुक्ला पर अनियमितता के आरोप लगाये गये थे. इसके बाद तत्कालीन सीजेआइ दीपक मिश्रा ने मद्रास हाई कोर्ट की तत्कालीन चीफ इंदिरा बनर्जी, सिक्किम के चीफ जस्टिस एसके. अग्निहोत्री और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस पीके जायसवाल के नेतृत्व में पैनल गठित किया था. इस पैनल ने शुक्ला को एक मामले में मेडिकल कॉलेजों का कथित तौर पर पक्ष लेने के लिए जिम्मेदार ठहराया था.
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