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मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना से जुड़े नर्सिंग होम ने उठाए हाथ, कहा- पैसा नहीं मिला तो नहीं कर सकते इलाज

Giridih: मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना से जुड़े गिरिडीह के 25 नर्सिंग होम जल्द ही लोगों का इलाज बंद कर सकते हैं. कारण कि पिछले छह माह से जिले के नर्सिंग होम को भुगतान नहीं हो रहा है. ऐसे में नर्सिंग होम संचालकों ने हाथ खड़े कर दिये हैं. उनका कहना है कि पैसा नहीं मिलने की वजह से वो इलाज करना बंद कर देंगे.

हर रोज करीब पांच सौ से अधिक मरीज जिले के वैसे नर्सिंग होम पहुंचते है जो मुख्यमंत्री जनआरोग्य योजना से जुड़े हुए हैं. जबकि फंड रहने के बाद भी बीमा कंपनियां नर्सिंग होम को भुगतान नहीं कर रही है.

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और ऐसा करीब सात माह से हो रहा है. लिहाजा, योजना से जुड़े नर्सिंग होम संचालक और चिकित्सकों ने निर्णय लेते हुए राज्य सरकार और बीमा कंपनी को खुलेतौर पर अल्टीमेटम देते हुए लिया है कि अब अगर सप्ताह दिनों के भीतर भुगतान नहीं होता है तो सारे नर्सिंग होम इलाज करना बंद कर सकते हैं.

वरीय चिकित्सक डॉ मो. आजाद और डॉ. एस. के डोकानिया कहा कि योजना के अंतर्गत जब बीमा कंपनी ने एकरारनामा तैयार किया था. तो 15 दिनों के भीतर भुगतान करने की बात कही थी. लेकिन पिछले छह माह से हालात ऐसे हैं कि किसी नर्सिंग होम को भुगतान नहीं हो रहा है. और अब 25 नर्सिंग होम में बकाया पांच करोड़ तक हो चुका है.

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बकाया होने के बाद भी नर्सिंग होम अब भी इस योजना के तहत मरीजों का ऑपरेशन और इलाज जारी रखे हुए हैं. लेकिन नर्सिंग होम पर अब दबाव बढ़ता जा रहा है. क्योंकि नर्सों के अलावे इलाज और ऑपरेशन के सारे खर्च और स्वास्थ कर्मियों का बकाया भुगतान भी करना मुश्किल हो रहा है.

इधर बैठक में गोवर्धन लाल नर्सिंग होम के डा. विकास लाल, गोयनका सेवा के प्रबंधक कमेटी के वरीय सदस्य सह सुभाष इन्स्टीच्यूट के निदेशक विजय सिंह, जीवन धारा नर्सिंग होम के चिकित्सक डा. उत्तम जालान, नवजीवन नर्सिंग होम की मैनेजिंग डायरेक्टर स्वाती बगेड़िया, डुमरी क्षितिज हाॅस्पीटल के प्रबंधक अशोक कुमार, नवदीप नर्सिंग होम के डा. दीपक कुमार, देवकी हाॅस्पीटल के डा. राजेश सिंह समेत कई मौजूद थे.

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