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केंद्र ने मनरेगा फंड रोकने की दी चेतावनी, 52 करोड़ की वित्तीय अनियमितता की राशि वसूली के लिए शुरू हुआ अभियान

Ranchi : केंद्र सरकार ने झारखंड को चेताया है कि अगर मनरेगा संबंधित योजनाओं में 52 करोड़ की वित्तीय अनियमितता पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो मनरेगा के तहत दिया जाने वाला फंड रोक दिया जायेगा. इस संबंध में केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव एनएन सिन्हा ने भी झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट कहा है कि 52 करोड़ की जो वित्तीय अनियमितता हुई है उस राशि की वसूली अविलंब की जाये. केंद्र की इस चेतावनी के बाद झारखंड में मनरेगा से संबंधित योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण में उभरे मुद्दों पर की गयी कार्यवाही की समीक्षा के लिए राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है.

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ग्रामीण विकास सचिव डॉ मनीष रंजन ने इस संबंध में 94 हजार से अधिक चिन्हित मुद्दों पर विभिन्न स्तरों पर की गयी जनसुनवाइयों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों व बीपीओ को चेताया गया है कि राशि की वसूली समय पर नहीं होने पर कार्रवाई की जायेगी. हालांकि, राज्य में अभी तक दो प्रतिशत मुद्दों का ही निष्पादन हो पाया है, लेकिन सुधार के लिए ये कदम उठाये गये हैं. मनीष रंजन ने जानकारी दी कि निष्पादित मुद्दों को अगले चरण की ग्राम सभा में समुदाय की जानकारी को रखे जाने की प्रक्रिया भी झारखंड में प्रारंभ की जा रही है ताकि उन्हें उनके द्वारा अनुशंसित कार्यवाई से परिचित कराया जा सके.

समुदाय के सदस्यों को दी गयी जिम्मेदारी

बता दें कि झारखंड देश में एक मात्र राज्य है जहां मुद्दों को निष्पादित करने की जिम्मेवारी समुदाय के सदस्यों को दी गयी है. इस समिति में एक मजदूर मंच के प्रतिनिधि, एक महिला समूह की सदस्य, एक नगर समाज प्रतिनिधि और तकनीकी सहायता के लिए दूसरे जिले के सोशल ऑडिट यूनिट के जिला स्रोत व्यक्ति और राज्य से एक सदस्य नामित किये गये हैं ताकि इस प्रक्रिया में निष्पक्षता रहे और इसके लिए एटीआर प्रोटोकॉल बनानेवाला भी झारखंड एकमात्र राज्य है.

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