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सीबीआई-ममता टकराव : वामपंथियों का विपक्ष से अलग रुख, बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की  

  Kolkata : सीबीआई द्वारा कोलकाता पुलिस कमिश्नर से शारदा चिटफंड घोटाला मामले में पूछताछ के विरोध में ममता बनर्जी कोलकाता के धर्मतल्ला में धरने पर बैठ गयी हैं. बता दें कि ममता बनर्जी को कई विपक्षी दलों ने समर्थन दिया है. लेकिन वामपंथी दलों का इस मामले में अलग रुख है. वे चाहते हैं कि बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाये.   यहां तक कि संसद में भी इस मामले पर जमकर हंगामा हुआ.  टीएमसी सांसदों ने सदन में सीबीआई तोता है के नारे लगाये.  कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाया. चैनल टाइम्स नाउ के अनुसार, वामपंथी पार्टियों ने ममता के धरने पर पलटवार करते हुए बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है.  लेफ्ट पार्टियों ने कहा कि ममता बनर्जी को सीबीआई जांच टीम को नहीं रोकना चाहिए था.  बता दें कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में दशकों पुराने वामपंथी वर्चस्व को ढहाकर सत्ता में आयी थीं.  राजद पीडीपी, समाजवादी पार्टी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल खुलकर केंद्र सरकार के विरोध में ममता का समर्थन कर रहे हैं.

ममता ने कैबिनेट मीटिंग भी यहीं की

चैनल टाइम्स नाउ के अनुसार वामपंथी पार्टियों ने कहा कि बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाना चाहिए. कहा कि राज्य में चिंताजनक मौजूदा हालात को देखते हुए यही विकल्प है. बता दें कि रविवार को सीबीआई की टीम पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से पूछताछ के लिए पहुंची.  इसके विरोध में ममता बनर्जी रात आठ बजे से ही धरने पर बैठ गयीं और कहा कि वह मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ विरोध में धरना दे रही हैं.  सोमवार को भी ममता धरने पर अब तक डटी हैं और सभी जरूरी काम वहीं से कर रही हैं. कैबिनेट मीटिंग भी यहीं की और विस सत्र को भी यहीं से संबोधित किया.

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