Tirhut Diary ( तिरहुत डायरी )
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मानो अंग्रेजी अनुवाद नहीं होता तो कालिदास अभी तक किसी पेड़ की डाली पर बैठ कर डाल काट रहे होते
खट्टरकाका की डायरी से Vijay deo jha जब कभी कालिदास के अभिज्ञान शाकुंतलम की चर्चा होती है तो भारत के बुद्धिजीवी और साहित्यकार कालिदास के अधिक विलियम…
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जब खट्टरकाका का कान कौआ ले गया
Vijay Deo Jha #खट्टरकाका की डायरी से चश्मा नहीं मिल पा रहा था. कुछ–कुछ याद आ रहा था कि ऑफिस से निकलते समय चश्मा तो…
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मैथिली अति प्राचीन व समृद्ध भाषा है, इस स्थापित सत्य को अब तर्क नहीं लट्ठ से समझाने का है समय
खट्टरकाका की चिट्ठी वीरेंद्र झा के नाम मैथिली अति प्राचीन व समृद्ध भाषा है. इस स्थापित सत्य को अब तर्क नहीं लट्ठ से समझाने का…
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अंग्रेजिया कॉलेजिया बाबू हो, बुद्धि, शिक्षा और संस्कार से च्युत हो, अगर तुम्हारा मूल-गोत्र व पुरखे का नाम पूछ दिया जाए तो दाँत निपोड़ लोगे
“खट्टरकाका “की डायरी से Vijay deo jha खट्टारकका: आबह सी.सी. आई तोहर मोन किएक उतरल छौ। सी.सी. मिश्रा: मोन इसलिए झुंझुआन और कोनादन कर रहा…
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गरियाने से मिथिला का विकास हो जाता है तो आईये हम सब मिलकर सियार की तरह हुँआ-हुँआ करें
“खट्टरकाका” की डायरी से Vijay deo jha हुलेले करने से अगर मिथिला राज बन जाता है मिथिला का विकास हो जाता है. बिना इतिहास की…




