
Koderma: डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के तहत सीएच स्कूल रोड में जिला परिषद द्वारा निर्मित लगभग 34 दुकानों को तोड़ने की नोटिस दी गई है. नोटिस में 11 फरवरी तक दुकानों को खाली करने को कहा गया है. अन्यथा 12 फरवरी से इन दुकानों को बुलडोजर चलाकर तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. इस मामले को लेकर दुकानदारों ने जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष शालिनी गुप्ता को आवेदन दिया. शालिनी गुप्ता ने शुक्रवार को सीएचएस स्कूल रोड पहुंचकर दुकानदारों की बात सुनी और इस मामले में कोडरमा उपायुक्त से बात करने की बात कही. बता दें कि डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर योजना को क्रियान्वित करने के लिए इन दुकानों को तोड़ने का नोटिस रेलवे के द्वारा पूर्व में ही लोगों को दिया गया था. तब इन्होंने मुआवजे की मांग की थी और इन्हें आश्वासन दिया गया था कि प्रत्येक दुकानदारों को मुआवजा के तौर पर प्पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे. किंतु अब कहा जा रहा है कि रेलवे ने जिला परिषद को मुआवजा के तौर पर 68 लाख रुपये दे दिए हैं. दुकानदारों को केवल 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे.
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मौके पर पहुंची जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने बताया कि पूर्व में रेलवे द्वारा दुकानदारों को जो राशि देने की बात कही गई थी वह नहीं मिली है. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर मैं उपायुक्त से बात करूंगी. उन्होंने कहा कि एक नोटिस में दुकानों को खाली नहीं कराया जाना चाहिए. यह सभी दुकानदार लगभग 32 वर्षों से अपना व्यवसाय कर आजीविका चलाते आ रहे हैं. बिना वैकल्पिक व्यवस्था के अगर इनकी दुकानों को तोड़ दिया जाएगा तो इनके रोजगार खत्म हो जाएंगे और सड़क पर आ जाएंगे. उन्होंने कहा कि रेलवे ने जिला परिषद को जो राशि दी से उससे बची दुकानों के ऊपर और दुकानें बनाकर उन्हें शि़फ्ट किया जाना चाहिए ताकि कोई बेरोजगार न रहे. नगर पर्षद के पूर्व अध्यक्ष उमेश सिंह भी इस दौरान मौजूद थे. जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष को दिए गए आवेदन में रामाकांत प्रसाद गुप्ता, जवाहर प्रसाद वर्मा, वीरेंद्र यादव, कृष्ण कुमार, इंद्रदेव यादव, मुरली मोदी, पंकज कुमार, अरुण कुमार, लक्ष्मण यादव, चंद्रशेखर राय, मोहम्मद अख्तर, संत कुमार समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं. इधर जिप सदस्य लक्ष्मण यादव ने भी दुकानदारों के हित मे जिला प्रशासन से पहल की अपील की है.




