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#Bokaro: बिना कमर्शियल रजिस्ट्रेशन के कंपनियों में वाहन चलाने वालों पर जुर्माना लगाने की तैयारी

Divy Khare

Bokaro: टैक्स बचाने के लिए प्राइवेट कार और एसयूवी का बड़ी कंपनियों द्वारा कमर्शियली प्रयोग किया जाना किसी घोटाले से कम नहीं है. इससे राज्य सरकार को सालाना करोड़ों रुपये की क्षति हो रही है.

हेमंत सरकार के संज्ञान में इस मामले के आने के बाद से जिला परिवहन कार्यालय रेस हो गया है. इसकी मॉनिटरिंग डिप्टी कमिश्नर मुकेश कुमार के लेवल से हो रही है.

टैक्स की इतनी भारी मात्रा में चोरी पर हेमंत सरकार ने रुख कड़ा कर लिया है. इस बाबत बोकारो जिला परिवहन विभाग ने बोकारो स्टील प्लांट (BSL), वेदांता ग्रुप की इलेक्ट्रोस्टील स्टील लिमिटेड (ESL), सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (CCL), थर्मल पावर प्लांट्स, ONGC, डालमिया सीमेंट और अन्य कई बड़ी कंपनियों को चिट्ठी भेजकर आगाह किया है कि वह निजी वाहनों का प्रयोग कमर्शियल व्हीकल के रूप में करना बंद कर दे.

प्रारंभिक आकलन में बोकारो परिवहन कार्यालय ने यह पाया है कि जिले में बड़ी संख्या में निजी वाहन जैसे कार, एसयूवी आदि किराये पर परिचालित किये जा रहे हैं.

चार पहिया वाहनों में ‘इनोवा’  का प्रयोग कंपनियों में सबसे अधिक किराये में किया जा रहा है. कंपनियों को उनके द्वारा उपयोग किये जा रहे वाहनों से संबंधित विवरण परिवहन कार्यालय में जमा करने के लिए कहा गया है.

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राजस्व की भारी क्षति 

जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ), संतोष गर्ग ने कहा, प्राय: ऐसा देखा जा रहा है कि बोकारो स्टील सिटी के अंदर निज़ी वाहनों का परिचालन किराये (दैनिक, मासिक इत्यादि) पर किया जा रहा है.

विशेषकर ‘इनोवा’ को किराया पर एवं विभिन्न कंपनियों में परिचालित किया जा रहा है. इससे सरकार को भारी राजस्व की क्षति हो रही है.

साथ ही वाहनों में भारत सरकार, सेल, बीएसएल, इलेक्ट्रोस्टील, ओएनजीसी, पुलिस विभाग के प्रतीक एवं लोगो को अवैध रूप से लगाकर परिचालित किया जा रहा है.

अतः वैसे वाहन स्वामियों को सूचित किया जाता है कि जिनके वाहनों को व्यवसायिक रूप से प्रयोग किया जा रहा है, वह अपने वाहनों को निजी वाहन से व्यवसायिक वाहन में संपरिवर्तन कराने हेतु कार्यालय में समस्त कागजातों के साथ उपस्थित हों अन्यथा वाहन जांच के क्रम में पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई की जायेगी.

ऐसे जो भी वाहन पकड़े जायेंगे उन पर निबंधन की तिथि से जुर्माने की वसूली की जायेगी. पूर्व में इस संबंध में कई बार निदेशित किये जाने के बावजूद भी निजी वाहनों का व्यवसायिक वाहन के रूप में प्रयोग किया जा रहा है.

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चलाना और चलवाना दोनों  नियम विरुद्ध

उल्लेखनीय है कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 के निजी वाहन का व्यवसायिक रूप से परिचालित कराना या करना दोनों ही दंडनीय अपराध है तथा वैसे वाहनों का प्रयोगकर्ता भी समान रूप से दोषी  है.

डीटीओ ने कहा, “हम जल्द ही सड़क पर बड़े पैमाने पर चेकिंग शुरू करने जा रहे हैं. निजी वाहन में पंजीकृत होने और व्यावसायिक रूप से परिचालित किये जाने से परिवहन विभाग को एक इनोवा पर सालाना 7508 रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है. जो अब हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे.

इसके अलावा, जिला परिवहन विभाग ने यह भी पाया है कि स्टील, कोयला और सीमेंट कंपनियां अपने अंदर इस्तेमाल होने वाले क्रेन, डम्फर, ट्रक, पेलोडर और अन्य वाहनों से संबंधित कर और अन्य शुल्क का भुगतान नहीं कर रहे हैं. जिससे राज्य सरकार को काफी नुकसान हो रहा है.

परिवहन विभाग ने कंपनियों से कहा है कि वे अपने यहां परिचालित सभी वाहनों के पंजीकरण नंबर और संख्या से संबंधित विवरण प्रस्तुत करें. सूत्रों ने कहा कि कंपनियों के अंदर चलने वाले कई भारी वाहन पंजीकरण शुल्क, रोड टैक्स का भुगतान किये बिना ही चल रहे है.

यहां तक कि उनके पास फिटनेस प्रमाणपत्र भी नहीं होते हैं. वे कंपनी के परिसर से बाहर नहीं जाते हैं, जबकि परिवहन अधिकारी कंपनी के अंदर जाकर जांच करने से कतराते हैं, जिससे वह बचे रहते.

करोड़ों के कर का नुकसान 

डीटीओ ने कहा कि कानून के अनुसार परिधीय क्षेत्रों के अंदर कंपनियों द्वारा प्रयोग किये जाने वाले भारी वाहनों को पंजीकृत होना चाहिए और रोड टैक्स का भुगतान करना चाहिए.

हर दो साल में उन्हें फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में निर्देश दिया है कि जिन वाहनों के पहिये या चेन हैं, वे पंजीकरण के दायरे में आते हैं और उन्हें परिवहन कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य है.

गर्ग ने कहा, “जिला परिवहन विभाग को हर साल करोड़ों का नुकसान हो रहा है, क्योंकि कंपनियों द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले वाहनों का कर नहीं दिया जाता है.”

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