
Bokaro: जिले के तुपकाडीह में 11 साल की मासूम से हुए दुष्कर्म के मामले में पुलिस के हाथ अबतक खाली है. 6 दिनों बाद भी आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस अबतक नाकाम है, वही घटना के बाद से बच्ची और उसके परिजन डर के साये में जी रहे हैं. न्याय की आस में पीड़िता के परिजन थाना पहुंचते हैं, लेकिन निराश होकर लौटते हैं.
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पुलिस की फटकार से परिजन भी मानसिक रुप से प्रताड़ित हो रहे हैं. वही बुधवार शाम जब न्यूज विंग की टीम उनके घर पहुंची. जहां पीड़िता की मां ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि किसके पास जाए, कोई मदद करने वाला नहीं है. जिस कारण डर से अब बेटी को स्कूल भी नहीं भेज रहें है. कहीं फिर से कोई अनहोनी ना हो जाए, क्योंकि अभी आरोपी को अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है.
मासूम की है तबियत खराब
11 वर्षीय मासूम की तबियत हादसे के बाद एकबार फिर से खराब हो गई है. हालांकि, उस समय दौरान जैनामोड़ रेफरल अस्पताल उसका इलाज हुआ था. लेकिन दोबारा से उसकी तबियत खराब हो रही है. माता-पिता के पास इतने पैसे नहीं कि निजी अस्पताल में उसका इलाज करा सके. इधर इतने बड़े हादसे के बाद कोई भी सरकारी अधिकारी इनके घर मासूम की सुध लेने भी नहीं पहुंचा.
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पुलिस का मामले पर ध्यान नहीं: टीना
तांतरी दक्षिणी पंचायत की मुखिया टीना देवी ने बताया कि इस मामले को लेकर पहले दिन से ही पुलिस लापरवाह रही है. जिस कारण से छह दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी पंचानन सोरेन की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. वहीं बच्ची को अभी इलाज की जरुरत है. यहीं घटना शहर में होती, तो पूरा इलाका बच्ची के साथ खड़ा हो जाता. लेकिन यह ग्रामीण इलाका है, जिला प्रशासन और पुलिस सभी उदासीन है.
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गिरफ्तारी के लिए की जा रही है छापेमारी
लापरवाही के आरोपों के बीच जरीडीह थाना प्रभारी रुपेश कुमार दुबे ने बताया कि जिस दिन घटना हुई. गांव के महिला और पुरुष आरोपी के घर में पहुंच गए, जिस कारण वह घर छोड़ कर फरार हो गया है. घर में रहने वाले परिजन कुछ भी नहीं बता रहें है. पूरी कोशिश है कि उसकी गिरफ्तारी जल्द से जल्द हो जाए.




