काठमांडू: नेपाल सरकार पिछले कुछ सालों में बंद हुए निजी क्षेत्र के उद्योगों को नीतिगत और बुनियादी सहयोग देकर उन्हें फिर से पुनर्जीवित करने की योजना बना रही है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि वह बंद हुए कारखानों के मालिकों को उनके बंद होने के कारण समेत अन्य विवरण देने के लिए एक नोटिस जारी करेगा जिसका जवाब 21 दिन में देना होगा।
हाल के वर्षों में बंद हुए उद्योगों की संख्या के बारे में न ही नेपाल सरकार को और न ही निजी क्षेत्र के निकायों को कोई सटीक जानकारी है।
नेपाल के उद्योग मंत्री नबिंद्र राज जोशी ने कहा कि बंद हुए उद्योगों के बारे में विवरण मिलने के बाद अगर सरकार इनके लिए कोई सहयोग देने में सक्षम होगी तो वह इनके अध्ययन के लिए एक समिति गठित करेगी।
जोशी ने कहा, “सरकार उन उद्योगों के लिए भौतिक, बुनियादी और नीतिगत सहयोग देगी जिन्हें फिर से शुरू किया जा सकता है।”
सरकार ने ऐसे उद्योगों के बारे में स्थानीय और केंद्रीय दोनों स्तरों पर विवरण एकत्रित करने की योजना बनाई है।
सरकार के कदम से नेपाल के निजी सेक्टर में खुशी की लहर है।
नेपाली वाणिज्य एवं उद्योग मंडल महासंघ के अध्यक्ष पशुपति मुरारका ने कहा है कि सरकार का कदम सकारात्मक है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इस योजना पर गंभीरता से अमल किया जाएगा।
मुरारका ने कहा, “देश के 14 जिलों में आए विनाशकारी भूकंप में सैकड़ों उद्योग, खासतौर पर लघु और मध्यम स्तर के उद्योग बंद हो गए, लेकिन उन्हें फिर से शुरू करने के लिए अब तक सरकार से कोई सहयोग नहीं मिला है।”




