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Chennai: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने महाबलीपुरम के प्राचीन तटीय शहर के भव्य ‘शोर मंदिर’ परिसर में शुक्रवार को रात्रिभोज के दौरान ढाई घंटे चली अपनी वार्ता में आतंकवाद और कट्टरपंथ की चुनौतियों का मिलकर सामना करने का संकल्प लिया.
विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि दोनों नेताओं ने निवेश के नए क्षेत्रों को पहचानने, व्यापार बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापार की अहमियत पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापार एवं आर्थिक मामलों पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने व्यापार घाटे और व्यापार में असंतुलन पर भी बातचीत की.
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आतंकवाद से मिलकर निपटने का लिया संकल्प
गोखले ने बताया कि मोदी और शी ने चार विश्व धरोहर स्थलों की सैर करने समेत करीब पांच घंटे साथ समय बिताया. इसके साथ ही दोनों नेताओं की दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता का पहला दिन समाप्त हो गया.
गोखले ने बताया कि मोदी और शी ने आतंकवाद के कारण दोनों देशों के सामने पैदा हो रही चुनौतियों पर चर्चा की और इससे निपटने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया.
उन्होंने कहा कि इस बात को स्वीकार किया गया कि दोनों देश बहुत जटिल और बहुत विविध हैं. दोनों नेताओं ने कहा कि भारत एवं चीन बड़े देश हैं, दोनों के लिए कट्टरपंथ चिंता का विषय है.
उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने मिलकर काम करने का संकल्प लिया ताकि कट्टरपंथ एवं आतंकवाद दोनों देशों के बहु-सांस्कृतिक, बहु-जातीय, बहु-धार्मिक समाजों को प्रभावित नहीं कर पाए.
मोदी और शी ने अपनी-अपनी राष्ट्रीय दूरदृष्टि एवं शासन संबंधी प्राथमिकताओं पर विस्तृत वार्ता की.
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प्राचीन ऐतिहासिक एवं व्यापारिक संबंधों पर भी बातचीत
गोखले ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि (प्रधानमंत्री पद पर) दूसरे कार्यकाल के लिए उन्हें चुने जाना आर्थिक विकास के लिए मिला जनादेश है. राष्ट्रपति शी ने प्रधानमंत्री मोदी को जनादेश मिलने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि वह आगामी साढ़े चार साल में मोदी के साथ सभी मुद्दों पर करीब तौर पर काम करने के इच्छुक हैं.
उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने तमिलनाडु और चीन के पूर्वी तट के बीच प्राचीन ऐतिहासिक एवं व्यापारिक संबंधों पर भी बातचीत की.
गोखले ने कहा कि 150 मिनट से अधिक समय तक बातचीत चली और यह वार्ता तय समय से अधिक देर चली. काफी खुली और सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई.
दोनों नेताओं ने एक साथ वक्त बिताया. दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के शेष सदस्यों ने अन्य स्थान पर रात्रिभोज किया.